सड़कों पर, बस स्टैंड पर या रास्ते पर, आते-जाते, कहीं भी कभी भी खतरा आपके इर्द-गिर्द मंडरा रहा है. घर से बहार कदम रखते ही, सतर्क रहना अनिवार्य हो गया है.

हम महिलाएं मानसिक रूप से पुरुषों से कई गुना ज़्यादा सह सकती है. पर क्या शारीरिक रूप से हम कमज़ोर और असक्षम है? क्या हम खुद के लिए लड़ नहीं सकती? क्या हम उन लोगों को नहीं रोक सकती जो हमें कमज़ोर समझकर वार करते है?

ऐसा बिलकुल नहीं है, नए साल में निर्णय ले, अत्याचार और खिलवाड़ के खिलाफ लड़े. नए साल में आत्मरक्षा सीखने के संकल्प से आपके जीवन में होने वाले बदलाव:

आत्मरक्षा आपकी लड़ने की सूझबूझ विकसित करने में मदद करता है

आत्मरक्षा एक ऐसा हथियार है, जो आपको कई तरीकों से सशक्त और मज़बूत बनाता है. आत्मरक्षा सिर्फ लड़ना या हाथ उठाना नहीं, यह सीखना है कि कैसे मानसिक रूप से खतरे के खिलाफ़ डटे रहें. लड़ाई में, तेज़ी ही शक्ति है. आप खड़े रहकर अपने हमलावर के अगले कदम की प्रतीक्षा कर नहीं सकते हैं, आपको उससे पहले कुछ करना होगा.

हम महिलाएं मानसिक रूप से पुरुषों  से कई गुना ज़्यादा सह सकती है. पर क्या शारीरिक रूप से हम कमज़ोर और असक्षम है?

सभी स्थितियों में खुद को बचाने में सक्षम होना,आत्मविश्वास बढ़ाता है.

हम आये दिन न्यूज़ में सुनते व अखबार में पढ़ते है कि कैसे महिलाओं के खिलाफ़ अपराध बढ़ रहे है. क्या महिलाओं को खुद ही खुद की रक्षा करने के लिए तैयार नहीं होना चाहिए. रक्षा करना सिर्फ पुरुषों की काबिलियत नहीं है. और अगर आप मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से अपना ध्यान रख सके, तो इससे बेहतर कुछ नहीं. सभी स्थितियों में खुद को बचाने में सक्षम होना आत्मविश्वास बढ़ाता है.

आत्मरक्षा आपमें स्वाभिमान लाता है

आत्मरक्षा का अभ्यास, आप में विश्वास और सम्मान लाता हैं. यदि आप स्वयं का सम्मान नहीं करते हैं, तो आप दूसरों का सम्मान कैसे कर सकते हैं? जब आप आत्मरक्षा सीखते है तो आप एक साथी के साथ अभ्यास करते है. एक-दूसरे को चोट न पहुँचाने के लिए आप दोनों के बीच आपसी विश्वास होना चाहिए. साथ ही, कैसे आप को मुसीबत से बच सकते है, वो समझ भी.

आत्मरक्षा आपको लक्ष्य-केंद्रित बनाता है

आत्मरक्षा आपको लक्ष्य-केंद्रित बनता हैं. आप एक विशिष्ट चाल को अच्छे से सीखना चाहते हैं, या कड़ी मेहनत करते हैं कि आप अपनी रक्षा कर सके, आप एक लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं. यह आपको नियमित रखता है और आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में आपकी मदद करता है. यह आपको ज़िन्दगी को बहतर तरीका से जीने में भी मदद करता है.

आत्मरक्षा आपको जागरूक बनाता है

आत्म रक्षा से आप अपने आसपास की स्तिथि के लिए जागरूक बनते है. सोचिये, आपका हमलावर योजना के साथ तैयार है, और आप बिलकुल अनजान? आत्मरक्षा का अभ्यास स्तिथि को परखना सीखाता है. आपको हर समय तैयार रहने के लिए जागरूक करने में मदद करता है.

आत्मरक्षा के लिए आत्म-अनुशासन अनिवार्य है

आत्म-अनुशासन ही विजय की कड़ी है. सीखने और बढ़ने के लिए, क्षमताओं के साथ, आत्म-अनुशासन एक अहम कड़ी है. अभ्यास के लिए प्रेरित और समर्पित होना ज़रूरी है और बेहतर सुरक्षा के लिए आपको अभ्यास करते रहना चाहिए.

आत्म-निर्भर बनिए और सुरक्षित रहे

आखिर कब तक पुरुषों से बचने के लिए, पुरुषों और ही निर्भर रहे? आखिर कब तक दूसरों के पीछे छुपे. जब झाँसी की रानीअंग्रेज़ों की सेना का सामना कर सकती है तो हम क्यों नहीं? हम ही शक्ति है, हम ही दुर्गा है, और स्वयं की रक्षा करने के लिए समर्थ भी.

आप ही शक्ति है, आप ही दुर्गा!

सोचिए मत, सपने देखिये और उन्हें पूरा भी कीजिए. किसी ऐरे-गैरे की हरकतों या बातों से, डर कर घरों में बंद कर नहीं बैठिए. आत्म-विश्वास से अपने आत्म-सम्मान की रक्षा कीजिए. अपने ख्वाबों को पंख दें और खुद पर भरोसा रखे.

(pic by khabarspecial)

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