आज कल मार्किट में सब्ज़ियों से लेकर हर आहार में रसायन और कीटनाशकों की संभावनाएं इतनी बढ़ गयीं हैं कि सभी इनसे बचने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन, इनका प्रभाव अब इतना बड़ चुका है कि इनसे पार पाना काफी असंभव जान पड़ता है। फिर भी आज कल की माताएं अपने बच्चों को इनके दुष्प्रभाव से बचाने के लिए आर्गेनिक उत्पादों का सहारा लेती दिख रही हैं। वे ऐसा क्यों कर रहीं हैं, आईये जानते हैं।

वातावरण में सफाई

छोटे बच्चे काफी हद तक खेत में, गार्डन में, या मिट्टी में खेलते दिखते हैं। और लगातार रसायनों के संपर्क में आने से, वे मिट्टी जिसमें वे खेलते हैं, जिस हवा में वे सांस लेते हैं, और जिस पानी को पीते हैं वह उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। बच्चे विशेष रूप से कीटनाशकों के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए माताएं चाहती हैं की वातावरण इन जहरीले पदार्थों से अछूत रहे ताकि उनके बच्चे आराम से खेल-कूद सकें।

शारीरिक रूप से स्वस्थ

आर्गेनिक उत्पाद केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद नहीं करता है। ज्यादातर सबूतों से पता चलता है कि आर्गेनिक भोजन बड़े पैमाने पर पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन सी, आयरन, मैग्नीशियम, और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व होते हैं। साथ ही, कम मात्रा में नाइट्रेट्स और कीटनाशक अवशेषों के साथ व्यवस्थित रूप से उगाए गए फल, सब्जियां, और अनाज पारंपरिक रूप से उगाए गए उत्पादों की तुलना में काफी पोषण देते हैं। माताएं यह बात समझती हैं कि बच्चों को अपने शरीर के विकास के लिए इन पोषक आहारों की ज़रूरत है।

बेहतर स्वाद का अनुभव

बच्चों की खाने में ज्यादातर आनाकानी इसलिए होती है क्यूंकि उन्हें भोजन का स्वाद पसंद नहीं आता। लेकिन यह सच है कि आर्गेनिक खाना बेहतर स्वाद का होता है। हाँ, अगर आप जंक फूड एडिटिव्स जैसे प्रोसेस्ड शुगर और एमएसजी आदी के गुणों के आदी हैं तो यह उतना अच्छा नहीं लग सकता। लेकिन आपके शरीर को कुछ ही समय बाद वास्तव में स्वस्थ भोजन का अनुभव करने के बाद, इसकी ज़रूरत महसूस होती है।  इसके बाद बच्चों को सभी बकवास स्वाद खराब लगने लगते हैं और माताओं की कोशिश रहती है कि बच्चे अपने स्वाद पर खुद ही थोड़ा ध्यान दें।

बीमारियों से राहत

बच्चे अक्सर किसी न किसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। लेकिन अगर माताएं आर्गेनिक उत्पादों का इस्तमाल करती हैं तो यह उम्मीद जताई जा सकती है की बीमारियों में कुछ घटोतरी होगी। मनुष्यों में एंटीबायोटिक प्रतिरोध एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, और अनुसन्धानों से पता चलता है कि एंटीबायोटिक्स के साथ इलाज किए गए जानवरों के मांस का सेवन एक योगदान कारक है। यह बैक्टीरिया उसके बाद जानवरों से आदमी तक आसानी से पहुँच सकता हैं। यही बात है कि आर्गेनिक किसानों को इन एंटीबायोटिक्स का इस्तमाल करने की इज़ाज़त नहीं है और माताएं अपने बच्चों के लिए आर्गेनिक उत्पादों पर विश्वास कर सकती हैं।

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