महिलाओं को अंदर ऐसी अन्य खूबियां हैं जिनकी जरुरत कार्यक्षेत्र में अवश्य होती है। इनमे से कुछ ऐसी खूबियां हैं जिसमे पुरुष तक महिलाओं से पीछे हैं। हमेशा से ही पुरुषों को ही एक नेता के रूप में देखा गया है। उन्हें ही हमेशा कार्यक्षेत्र में अव्वल दर्ज़ा दिया गया है। लेकिन इस विडंबना को अब खत्म करना होगा। क्यूंकि महिलाओं के अंदर भी ऐसी क्षमताएं हैं जो उन्हें कार्यक्षेत्र में सबसे अलग और ताकतवर बनाती हैं। आईये उनकी ऐसी ही कुछ प्रतिभाओं पर नज़र डालते हैं।

कठोर भी और नर्म भी

महिलाओं का विभाजन साफ़ तौर पर कठोर और नर्म की श्रेणी में करना गलत है। यह महिलाओं की खूबी होती है कि वे अपने स्वभाव में इन दोनों चीज़ों का एक मिश्रण रखती हैं। इसलिए जहां जरुरत हो, वहां कठोर स्वभाव और जहां आसानी से काम हो सकता है, वहां नर्मता का परिचय। इन दोनों खूबियों के होने के कारण महिलाओं का नेतृत्व काफी मज़बूत और प्रभावी होता है।

समय प्रबंधन

समय प्रबंधन वह कौशल है जिसे ज्यादातर लोग चाह कर भी नहीं कर पाते। लेकिन महिलाएं हमेशा से ही एक अव्वल प्रबंधक रही हैं। उन्हें इसलिए मल्टीटास्कर्स भी कहा जाता रहा है। बच्चों की देखभाल से लेकर अपनी सेहत तक का, और कार्यक्षेत्र के सभी कामों से लेकर जरुरी मुलाकातों तक, उनके मस्तिष्क में सब कुछ जैसे एक अलार्म की तरह फीड रहता है।

बेहतर समन्वय

समन्वय को अंग्रेजी में हम ‘को-ऑर्डिनेशन’ कहते हैं। सरल भाषा में हम इसे ताल-मेल बैठाकर काम करने और करवाने की कला कह सकते हैं। अध्यनों से साबित किया है कि पुरुषों से ज्यादा महिलाएं बेहतर समन्वय करती हैं। कार्यक्षेत्र का काम वैसे भी किसी एक व्यक्ति का काम नहीं होता। इसीलिए महिलाओं की यह प्रतिभा काफी अलग और महत्वपूर्ण होती है।

धैर्य का गुण

जब महिलाएं कार्यक्षेत्र में लोगों के साथ संवाद करती हैं, तो उनके गुस्से और हताशा को रोकने की उनकी क्षमता उन्हें एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है। कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति के साथ काम नहीं करना चाहता है, जिस पर क्रोध का प्रकोप होता है। इस विश्वास के बावजूद कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक भावुक होती हैं, यह एक भावना है जिस पर उनकी काफी मजबूत पकड़ है।

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