हर जगह वित्त की सख्त जरूरत के बावजूद, लोगों को, खासकर महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन के बारे में कम जानकारी है। हालांकि उनका घर चलाने में वित्तीय योगदान बढ़ रहा है, फिर भी प्रबंधन की भूमिका एक बैक फुट पर है। “शी टॉक्स मनी” के इंदौर संस्करण में हों होने वाली पैनल चर्चा का विषय था कि महिलाएं अपने पैसों का आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए कैसे प्रबंधित कर सकती हैं।

मूमल सिसोदिया जो “आउटकम्स डेलीवरड” की सह-संस्थापक हैं, प्रिया संघवी जो एक शिक्षाविद और उद्यमी हैं, सार्थक जोशी, इंडो थाई सिक्योरिटीज लिमिटेड के उपाध्यक्ष, दीपाली जोशी जो एक विशेषण फ्रीलांस कॉर्पोरेट ट्रेनर और लेखक हैं, मोहित हांडू, वेल्थ इंजीनियर्स के संस्थापक हैं और रश्मि रमेश गजरा जो एक ऑटोमोटिव उद्योग में काम करती हैं, वे सभी चर्चा में पैनलिस्ट थे। पैनल को शीदपीपल की शोनाली अडवानी द्वारा संचालित किया गया था।

वित्त के महत्व के बारे में बात करते हुए, मूमल सिसोदिया ने कहा, “जब आप वित्तीय रूप से आत्मविश्वासी महसूस नहीं करते हैं, तो आप हमेशा सोचेंगे कि क्या होगा अगर मैं इसे चलाने में सक्षम नहीं हो पायी। यदि आप किसी चीज़ के लिए भावुक हैं और आप वास्तव में कुछ करना चाहती हैं, लेकिन जब तक आपके हाथ में कुछ नहीं होगा, तब तक आप पर्याप्त आत्मविश्वास महसूस नहीं करेंगी। एक बार जब आपके पास वित्तीय स्वतंत्रता होती है, तो यह आपको अधिक आत्मविश्वासी और सक्षम बनाता है”।

प्रिया सांघवी ने कहा, “यदि आप स्वतंत्र होना चाहते हैं तो एक बड़ा हिस्सा वित्त से ही आना होगा। आपके आय, व्यय, बैलेंस शीट को समझने, कराधान, आदि को जानने से आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस चरण में हैं। आप एक छात्र, एक गृहिणी, एक माँ या एक उद्यमी हो सकती हैं, लेकिन आपके वित्त को नियंत्रण में रखना बहुत महत्वपूर्ण है”।

“यदि आप किसी चीज़ के लिए भावुक हैं और आप वास्तव में कुछ करना चाहती हैं, लेकिन जब तक आपके हाथ में कुछ नहीं होगा, तब तक आप पर्याप्त आत्मविश्वास महसूस नहीं करेंगी। एक बार जब आपके पास वित्तीय स्वतंत्रता होती है, तो यह आपको अधिक आत्मविश्वासी और सक्षम बनाता है”। – मूमल सिसोदिया

सार्थक जोशी ने वित्तीय साक्षरता के बारे में बताते हुए कहा, “पैसा एक बुनियादी और प्रमुख चीज है। जब घर खरीदने से लेकर अपने बच्चे की शिक्षा तक कोई भी निर्णय लेने की बात आती है तो वित्तीय साक्षरता की कमी के कारण लोग इन निर्णयों को लेने के निहित भय से घबराते हैं”।

दीपाली जोशी अधिकारी ने अपने व्यक्तिगत जीवन में म्यूचुअल फंड के लाभों के बारे में बात की, “मेरी माँ तीन साल पहले सेवानिवृत्त हुईं थीं।मैंने अपनी माँ को म्यूचुअल फंड योजना में निवेश करने का सुझाव दिया। वह इसमें निवेश करती रही और वे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रिय ट्रिप्स पर जा चुकी हैं। अब मेरे 10 साल के बेटे ने मुझे सारे पैसे म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए कहा जो उसे अपने जन्मदिन पर मिले थे”।

“वास्तविकता यह है कि आप म्यूचुअल फंड में निवेश करके करोड़पति या अरबपति नहीं बन सकते। लेकिन यह निश्चित रूप से आपको किसी भी अन्य बचत साधन की तुलना में सबसे अच्छा रिटर्न देगा”। – मोहित हांडू

मोहित हांडू ने धन प्रबंधन में विविधता का अनुभव किया है। उन्होंने साफ किया कि किस तरह से म्यूचुअल फंड लोगों की मदद करते हैं। उन्होंने कहा, “ईमानदार वास्तविकता यह है कि आप म्यूचुअल फंड में निवेश करके करोड़पति या अरबपति नहीं बन सकते। लेकिन यह निश्चित रूप से आपको किसी भी अन्य बचत साधन की तुलना में सबसे अच्छा रिटर्न देगा”।

रश्मि रमेश गजरा ने कहा, “मैं पारिवारिक व्यवसाय के अलावा भी कुछ करना चाहती थी। इसलिए, मैंने यह देखने के लिए पाठ्यक्रम लिया कि म्यूचुअल फंड क्या हैं। इसके बाद, मैं अधिक आक्रामक और जोखिम भरे प्रकार के फंड्स में चली गयी। अब, मुझे लगता है कि यह एक पूरक बचत है। और अब मैं ऐसी चीज़ों का अनुभव लेना चाहती हूँ जो मेरा परिवार मुझे नहीं दे सकता, तो इससे मुझे ऐसा करने की स्वतंत्रता मिलती है”।

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