स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर अंशुला कांत को वर्ल्ड बैंक का मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ फाइनेंसियल अफसर नियुक्त किया गया है । वर्ल्ड बैंक के प्रेजिडेंट डेविड मल्पास ने इस बात का ऐलान किया है ।अब अंशुला कांत वर्ल्ड बैंक के फाइनेंसियल और रिस्क मैनेजमेंट का कार्यभार संभालेगी ।

बैंकिंग का अनुभव

अंशुला को बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में 35  साल का अनुभव है । उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के सी एफओ के तोर पर योगदान दिया है और तो और यही नहीं बैंकिंग सेक्टर में उन्हें तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के लिए भी जाना जाता है ।  मल्पास ने कहा की वह अंशुला का तहे दिल से स्वागत करते है और वह और उनकी टीम उनके साथ काम करने के लिए बेहद उत्साहित है ।

“रिस्क , ट्रेज़री, फंडिंग और संचालन सहित विभिन्न प्रकार की नेतृत्व चुनौतियों में  उन्होंने खुद को बखूबी साबित किया है। मैलेग ने आगे कहा, “हम अपनी मैनेजमेंट टीम का स्वागत करने के लिए तत्पर हैं क्योंकि हम अच्छे विकास परिणामों के समर्थन में अपनी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए काम करते हैं।”

अंशुला का परिचय

अंशुला कांत लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन से इकोनॉमिक्स ओनर्स में ग्रेजुएट है । उनके पास दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से इकोनॉमिक्स में  पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी शामिल है । 6 सितम्बर, 2018 को उन्हें स्टेट बैंक का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया था । इससे पहले  वो एसबीआई की डिप्टी एम डी और सीएफओ  के पद पर कार्यकर्त थी । अंशुला का कार्यकाल 20 सितम्बर ,2020 को खत्म हो जाएगा ।

उनकी उपलब्धियाँ

उन्होंने एसबीआई के एमडी बी श्रीराम द्वारा खाली की गई सीट को ज्वाइन किया। आईडीबीआई बैंक द्वारा नियुक्त किए जाने के कुछ दिनों बाद उन्होंने 30 जून को एसबीआई के एमडी पद से इस्तीफा दे दिया था।

इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएट अंशुला कांत 1983 में एक प्रोबेशनरी अफसर के रूप में एसबीआई में शामिल हुईं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, “जब मेरे पिता ने कहा कि अगर मुझे इंजीनियरिंग करनी है तो मुझे रुड़की में पढ़ना होगा, मैंने इस फैसला के खिलाफ अपना असमर्थन दिया और लेडी श्रीराम कॉलेज में दाखिला ले लिया।”

उसकी विशेषज्ञता रिटेल बैंकिंग, कॉर्पोरेट क्रेडिट, क्रॉस -बॉर्डर ट्रेड और डेवलप्ड मार्केट्स में बैंकिंग – दोनों रिटेल और व्होलसेल  , एसबीआई की वेबसाइट पर उनकी जीवनी में दिया गया है।

“मैं काम पर एक स्वतंत्र पक्षी  की तरह थी,” कांत कहती हैं। “मेरे ससुराल वालों ने मुझे इतना समर्थन दिया कि मुझे अपने दोनों बच्चों के बारे में कभी चिंतित नहीं होना पड़ा। वे सचमुच उनके साथ ही बड़े हुए है। ”

कांत ने मुंबई एसबीआई के चेइफ़ जनरल मैनेजर के रूप में भी काम किया है और नेशनल बैंकिंग ग्रुप के संचालन के डिप्टी एमडी थे।

वह भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में शेयरहोल्डर डायरेक्टर भी रही हैं।

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