आज केंद्रीय बजट संसद में पेश किया गया। भारत के इतिहास में पहली बार, एक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश किया है।

जबकि वित्त मंत्री ने छोटे स्तर पर काम करने वाली महिलाओं के लिए कुछ वित्तीय लाभों का प्रस्ताव सामने आया है लेकिन भाषण में महिला किसानों का उल्लेख नहीं किया गया था। उन्होंने 2022 तक हर घर में बिजली और एलपीजी गैस सिलेंडर लगवाने और 2024 तक सभी के लिए घर होने का प्रस्ताव दिया है, जो महिलाओं को ज़्यादा प्रभावित करते हैं। उन्होंने स्टार्ट-अप इंडिया और मेक इन इंडिया परियोजनाओं जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से कॉर्पोरेट महिलाओं और नए-पुराने महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहित किया है।

शीदपीपल.टीवी कॉरपोरेट और महिला उद्यमियों की महिलाओं तक पहुंच गया है ताकि केंद्रीय बजट महिलाओं पर क्या प्रभाव डाले, इस पर अपनी राये दे सकें।

महिला एसएचजी को जन धन खाते के तहत वित्तीय सहायता  प्राप्त करवाई जायेगी

“फाइनेंस मिनिस्टर सीतारमण ने बजट 2019 में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं.  महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के लिए सभी जिलों में ब्याज दर काम करने के प्रोग्राम का विस्तार सकारात्मकता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। एक वेरिफ़िएड  जन धन खाते वाली महिला एसएचजी सदस्य को 5,000 रुपये की ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलेगी, यह अधिक पारदर्शिता और सशक्तिकरण की दिशा में भी एक कदम है, ”अनीता तेजवानी, संस्थापक और सीईओ, विंगस्टोविल ने कहा

मुद्रा योजना के तहत, महिलाओं को अपनी व्यवसायी आकांक्षाओं के लिए 1 लाख रुपये का लोन मिलेगा। यह एक बहुत अच्छी पहल है जो आने वाले भविष्य में महिलाओं के बीच नेतृत्व को बढ़ावा देगी ”

महिला उद्यमियों के लिए “नारायणी” एक महान योजना, सभी स्तरों पर सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह बजट भारत की महिलाओं के लिए एक आशाजनक भविष्य की नीव रखेगा। इसके अलावा, मुद्रा योजना के तहत, महिलाओं को अपनी उद्यमी आकांक्षाओं के लिए 1 लाख रुपये का ऋण लाभ मिलेगा। यह एक उत्कृष्ट पहल है जो आने वाले भविष्य में महिलाओं के बीच नेतृत्व को बढ़ावा देगी, ”वी रिसॉर्ट्स की संस्थापक और सीईओ अदिति बलबीर ने कहा।

इस केंद्रीय बजट के माध्यम से सरकार ने खुद के कब्ज़े वाले घर के मालिकों के लिए 31.3.2020 तक के आवास ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज पर 150,000 रुपये की एक्स्ट्रा टैक्स कटौती की अनुमति दी है। जो कुल कटौती 3.5 लाख रुपये तक लेता है। तेजवानी ने इसे 45 लाख रुपये तक की संपत्ति की तलाश में महिलाओं के लिए एक बहुत ज़रूरी कदम माना गया है।

“हर साल, हजारों युवा महिलाएं अच्छी शिक्षा या रोजगार के बेहतर अवसरों की तलाश में बड़े शहरों का रुख करती हैं। दो दशकों से गुड़गांव में रह रही बहुत सारी महिलाओं को  मैंने घर के मुद्दों से जूझते हुए देखा है और अब  बहुत ज़रूरी है की हमे अपने पुराने  किराये कानूनों को बदलने की ज़रूरत है, “निधि अग्रवाल, प्रमुख – टाइम्स इंटरनेट एंड बिजनेस – टाइम्स पॉइंट्स के लिए कॉर्पोरेट रणनीति।

“स्टार्ट-अप्स द्वारा प्राप्त किये गए धन की छानबीन को रद्द करने का कदम, आने वाले समय के लिए बहुत ज़रूरी है और यह सकारात्मक दिशा में एक कदम है। जांच को बंद करना कम से कम वास्तविक स्टार्ट-अप को अनावश्यक परेशानी से बचाएगा।

एंजेल टैक्स को पूरी तरह हटाने की उम्मीद

“स्टार्ट-अप्स शुरू करना  एंजेल टैक्स को हटाने का एक बहुत बड़ा कारण था पर ऐसा नहीं हुआ, स्टार्ट-अप्स द्वारा प्राप्त धनराशि की छानबीन को रद्द करने का कदम ज़रूरी है। यह सकारात्मक दिशा में एक कदम है। जांच की चूक कम से कम वास्तविक स्टार्ट-अप को अनावश्यक परेशानी से बचाएगी। इसके अलावा, निवेशकों और उनके फंडों के स्रोतों की पहचान के लिए ई-सत्यापन को अपनाने से अन्यथा जटिल प्रक्रिया और अधिक सहज हो जाएगी। इस तरह, सरकार अधिक प्रभावी ढंग से धन शोधन और धन शोधन करने वालों को लक्षित करने में सक्षम होगी, जिसे पहले स्थान पर लाने के लिए एंजेल टैक्स की शुरुआत की गई थी।

टीआईई दिल्ली-एनसीआर के कार्यकारी निदेशक गीतिका दयाल का कहना है कि अभी भी बजट से  प्रभावित होने वाले लोगों के बीच कन्फूजन बनी हुई है और अगर उनकी चिंताओं का समाधान तेजी से हो रहा है, तो यही इसका प्रूफ है।

स्वाति भार्गव, कैशकरो की संस्थापक इनकम टैक्स लॉ रिफॉर्म्स पर प्रकाश डालती हैं। वह कहती हैं, “यह देखकर अच्छा लगा कि केंद्रीय बजट में बहुत सुकून देने वाले इनकम टैक्स लॉज़ हैं और सरकार द्वारा वेरिफाइड  स्टार्ट-अप को अनुचित आयकर जांच का सामना नहीं करना पड़ता है।”

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