अकेले सफ़र करने से कई चीज़े सीखने को मिलती है। अक्सर हम सब अपने परिवार या अपने दोस्तों के साथ सफ़र के लिए निकलते हैं और ये करने से हमारी दिक्कते भी कम होजाती हैं। हम दूसरों पे आश्रित रह सकते हैं। पर ज़िन्दगी में ऐसे भी दिन आएंगे जहां आपको अकेले कहीँ जाना पड़े या रहना पड़े। उसके लिए आपको क्या क्या ध्यान में रखना चाहिए और आप सीखते हैं-

1. स्वयं आश्रित रहना

अकेले सफ़र करते समय आप किसी पे आश्रित नही रहती। आपको खुद का ध्यान रखना है, ये देखना है कि आप सुरक्षित हैं और आपका समान आपके पास है। ये बात आपको और सावधान और ज़िम्मेदार बनाती है। अक्सर ऐसा सफर उन लोगों के लिए सही रहता है जिन्हें अपनी चीज़े भूलने की आदत है या आप गैर जिम्मेदार हैं।

2. आर्थिक रूप से खुद को संभालना

क्योंकि आप इस बार अकेले जा रहीं हैं, आपको स्वयं अपनी आर्थिक स्थिति का निरक्षण करना पड़ेगा। आप पैसे ध्यान से खर्च करेंगे और वहीँ करेंगे जहाँ होने चहिये। दूसरों के साथ जाके हमें एक आर्थिक सहूलियत मिल जाती है जिसकी वजह से हम ज्यादा खर्चीले होजाते हैं। तन्हा सफ़र आपको ज्यादा आर्थिक तौर से सावधान बनाता है।

3. लोगों की चहल पहल से दूर रहना

रोज़ मरा का काम करते करते आपको एक ब्रेक की ज़रूरत पड़ती है। इसी वजह सही, आप अपने आप को जान पाते है, समझ पाते हैं और ये सोच पातें हैं कि क्या आप सही दिशा में जा रहें है। कई कई बार अकेले सफ़र करने से सेल्फ रैलिसशन नामक चीज़ आपके अंदर आती है। इंसानी शरीर को बीच बीच मे रुक के अकेले सफ़र पे निकल जाना चाहिए।

4. अपना ख्याल रखना

आप खुद का ख्याल रखते है क्योंकि आपके पास कोई और होता नहीं। ये इसलिए आवश्यक है क्योंकि आप ये जान पातें है कि मुश्किल समय में आपको अपने आप को कैसे बचाना है और ये की आप को क्या कब करना चाहिए। स्वयम का खयाल रखना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि हर समय हमारे पास लोग नहीं होते, इसलिए खुद को कैसे संभालना है, ये बात हमें एक सफ़र सीखा सकता है।

5. दूसरी जगह के लोगों से बात करना

जब आप अपने आप कहीं जाते हैं तो आप अपने होटल रूम में कम, बाहर ज्यादा जाएंगे। ज्यादा लोगों से बात करेंगे एवं उनके तौर तरीके समझने की कोशिश करेंगे। शायद आप खुद को भी उनके अनुसार ढाल ले। इस से आपका सफ़र असली मायने में एक सफ़ल सफर रहेगा जहां आपने सही में दूसरी जगह को देखा और जाना।

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