आज जहा महिलाओं ने बहुत सारी चुनौतियों का सामना करके अपने आपको सशक्त बनाया है हम वहाँ यह भी कह सकते है की उन्होंने हर जगह हर क्षेत्रों में खुद को पुरुषों के बराबर बनाया है । आज वो हर काम कर सकती है जो पुरुष कर सकते है । आज वो अपने पति के साथसाथ बराबर घर का खर्च उठा सकती हैं । वह जहाँ आज कमा सकती है तो घर का खर्चा भी संभाल सकती हैं । जहाँ पहले पुरुषों को बिलों और बच्चों के ट्यूशन की फीस देने ले लिए ज़िम्मेदार माना जाता था, इन दिनों महिलाएँ सही मायनो में लैंगिक समानता को स्वीकार कर रही हैं और कह रही हैं- यह एक टीम प्रैक्टिस है। साथ ही, महिलाएं न केवल घर की ज़िम्मेदारी को अपने पार्टनर के साथ बखूबी निभा रही हैं, बल्कि उन्हें अपने जुनून को जीने के लिए भी जोर दे रही हैं, अपने स्वयं के सभी खर्चों खुद उठा रही हैं। ऐसी तीन महिलाओं ने शी दपीपल टी वी के साथ अपनी प्रेरक यात्राएँ बाँटी। आइये जानते है उनके अनुभवों के बारे में –

सोमा बोलर

सोमा बोलर जो की एक मैनेजर, हेड ऑफ़ बिजनेस एलायंस और एक कंपनियों में पार्टनरशिप करती है ,उन्होंने दो साल पहले घरेलू खर्चों की जिम्मेदारी संभाली थी। “मैं पिछले पंद्रह सालों से कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम कर रही हूं। दो साल पहले मेरे पति, जो उस समय कॉर्पोरेट सेक्टर में थे, उन्होंने यह फैसला किया कि वह इसके बजाय अपने सिंगिंग करियर पर ध्यान देना चाहते हैं और इस तरह उन्होंने अपनी  कॉर्पोरेट लाइफ को अलविदा कह दिया। ”

क्योंकि उनके पति अपनी रोज़ाना की कॉर्पोरेट लाइफ में वापस नहीं जाना चाहते थे, जिस कारण उनके घर के सारे खर्चे की ज़िम्मेदारी, सोमा पर पूरी तरह से आ गई । क्या वह इससे घबराई? “वास्तव में नहीं,” वह कहती है, “क्योंकि सबसे पहले मैं अपने पति को कई सालों से जानती हूं और संगीत हमेशा काम के लिए उनकी पहली पसंद था । क्योंकि वह लंबे समय से अपने काम के लिए अपने जूनून से समझौता कर रहे थे और मई यह  काफी सालो से देख रही थी।  जहाँ  मैं एक अच्छी नौकरी में थी जहाँ मैं घर का खर्चा उठा सकती थी इसलिए मैंने उन्हें इस फैसले को लेने में मदद की। ”

महिलाएं न केवल घर की ज़िम्मेदारी को अपने पार्टनर के साथ बखूबी निभा रही हैं, बल्कि उन्हें अपने जुनून को जीने के लिए भी जोर दे रही हैं, अपने स्वयं के सभी खर्चों खुद उठा रही हैं।

सरयू बंसल

सरयू बंसल जो की “हाउस ऑफ व्हिस्क , एक गौर्मेट बेकिंग स्टूडियो की ओनर है उन्होंने एक स्थिर तनख्वाह के लालच में अपने पति को आगे की पढ़ाई करने से नहीं रोका।” मेरे पति ने काम से छुट्टी ले ली क्योंकि वह 2012 में वापस एक सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहते थे। इसलिए जब वह पढ़ रहे थे और उस समय मैं काम कर रही थी, लेकिन हम एक जॉइंट फैमिली में रहते थे, इसलिए मुझे पैसे की कमी महसूस नहीं हुई।” वह कहती है।

उनके पति का सर्टिफिकेट कोर्स कुछ दो सालों तक चला तो  क्या उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई वित्तीय योजना बनाई? “मैंने हमेशा अपने पैसे का ख्याल रखा है। मैं शायद ग्रह पर सबसे ज़्यादा खर्च करती  हूं, लेकिन मेरे पास हमेशा एक बचत योजना है। चाहे वह किसी म्यूचुअल फंड एसआईपी या किसी और इन्वेस्टमेंट प्लान में इन्वेस्ट करना हो, मैं हमेशा इसके लिए तैयार रहती हूं, और यह सच में काम करता है। उदाहरण के लिए, मेरे पति की एग्जाम फीस 2012 में लगभग 1 लाख 25 हजार रुपये थी और इसके लिए मुझे बस इतना करना था की अपनी सेविंग्स का ध्यान रखना था और पैसो को सही से इस्तेमाल करना था ।

अल्फिया रे

दूसरी ओर, प्रिओकेयर हेल्थ सर्विसेज एल एल पी की सह-संस्थापक और डेसिग्नेटेड पार्टनर अल्फिया रे, घर पर भी वित्त में समान रूप से योगदान दे रही है, जब काम की बात आती है, तो वह अपने पति के साथ अपनी सारी ज़िम्मेदारियाँ निभाती हैं। “हम बैंगलोर में एक हेल्थकेयर स्टार्ट-अप चलाते हैं जो मूल रूप से मेरी सोच थी और फिर मेरे पति ने मेरा साथ दिया। अब हम पिछले साढ़े तीन साल से इस तरह एक – दूसरे का साथ दे रहे हैं। मैं मार्केटिंग और ऑपरेशन्स का ध्यान रखती हूं। यहां तक ​​कि जब घरेलू खर्चों की बात आती है, तो हम उन्हें समान रूप से बाँटते हैं, हालांकि कभी-कभी, यह मेरी तरफ से अधिक होता है। ”

इन महिलाओं ने यह साबित किया है कि समानता दोनों तरफ से काम करती है, और जब पैसे की बात आती है, तो महिलाओं को अपने पार्टनर की सहायता के लिए तैयार होना चाहिए, जब भी आवश्यकता होती है, या  फिर वह इतनी काबिल है की उन्हें अपने खर्चों के लिए किसी पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं ।

Email us at connect@shethepeople.tv