दिवाली अपने साथ खुशियों की सौगात लेकर आती है। हर जगह धूमधाम , जगमगाहट और रौशनी होती है । दिवाली त्यौहार ही ऐसा है की कर जगह रौनक बिखेर देता है । पर अब दिवाली चली गयी है और जाते -जाते दिल्ली के शहर में प्रदुषण छोड़ गयी है  । दिवाली के बाद शहर में लोगो का खुली हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है । दिल्ली जैसी भाग – दौड़ वाले शहर में ऐसे बहुत से लोग है जो सांस की बीमारियों से पीड़ित है और उन लोगो के लिए तो बहुत मुश्किल हो गया है ऐसे समय में घर से बाहर निकलना ।

प्रदुषण की शुरुआत

जैसा की हम सब जानते है की प्रदुषण हमारी सेहत के लिए कितना हानिकारक है । दिवाली के बाद से दिल्ली में प्रदुषण ज़ोरों पर है और आम जीवन अस्त -व्यस्त सा हो गया है । लोग घर से निकल नहीं पा रहे है और तो और दिल्ली सरकार ने तो स्कूलों में बच्चों की छुटियाँ भी करवा दी हैं । खबरों के अनुसार, प्रदुषण का यह लेवल अब तक का सबसे खतरनाक लेवल है । ऐसा प्रदुषण का लेवल दिल्ली में अब तक नहीं देखा गया है ।

दिल्ली में इस प्रदूषण के लेवल ने सामान्य जनजीवन के नाक मे दम कर रखा है । लोग सही तरीके से सांस नहीं ले पा रहे है । प्रदुषण हमारी आँखों और गले में जलन पैदा कर रहा है जो हमारे लिए बहुत खतरनाक है ।

प्रदुषण का कारण

कुछ लोगों का कहना है की प्रदुषण पटाखों की वजह से हुआ है और कुछ लोगो का कहना है की हरयाणा में खेतों में नई फसलें उगाने से पहले जो ज़मीन जलाई जाती है यह उसका धुंआ है पर कौन समझाए दुनिया को की इस प्रदुषण का कारण हम ही है । प्रदुषण के अचानक इतने बढ़ जाने का कारण बरसों पुरानी हम इंसानों की लापरवाहियाँ है । मई नहीं बताऊँगी की क्या लापरवाहियां है वो हम सब जानते है और बहुत अच्छे तरीके से । पर सबसे बड़ी बात यह है की हम इसके लिए क्या कर रहे हैं ?

अभी तो हम बस सांस नहीं ले पा रहे पर तब क्या होगा जब यह प्रदुषण पूरी तरह हमारी जान ले लेगा ? क्या हम उस दी का इंतज़ार कर रहे हैं ? क्या उस दिन भी हम पैसे कमाने की अंधी दौड़ में मौत को गले लगा लेंगे ? प्रदुषण वह समस्या है जो हमने खुद पैदा की है और अपनी सुख -सुविधा के लिए इसे हम खुद बढ़ावा दे रहे हैं ? प्रदुषण से होनेवाले खतरे से हम कब तक बेखबर रहेंगे और कितने सवालों को और ऐसी परस्थितियों को अनदेखा करते रहेंगे ? अब यह हमारे ही हाथ में है की हमे इस गंभीर स्थिति से कोई सबक सीखना है या एक दिन प्रकृति के केहर से खुद को बचाना है ।

प्रदुषण से बचने के उपाए

प्रदुषण के नुक्सान तो हम अच्छे से जानते ही है पर क्या हम प्रदुषण से बचने के उपाए जानते हैं ? अगर नहीं जानते तो आइये जानते है प्रदुषण से बावहन के कुछ उपाए ।

1 ज़्यादा पेड़ लगाए

ज़्यादा पेड़ लगाने से प्रदुषण जल्द कम होने के आसार बढ़ेंगे । प्रदुषण कम करने के लिए पेड़ लगाने से अच्छा कोई उपाए नहीं है ।

2 सिगरेट न पिए

प्रदुषण का धुआँ ही आपको बीमार बनाने के लिए बहुत है इसलिए सिगरेट पीकर अपने लंग्स को और नुक्सान न पहुंचाएं ।

3 प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद करे

प्लास्टिक प्रदुषण बढ़ाने का सबसे मुख्य कारण है और प्लास्टिक को जलाने से निकलने वाला धुआँ सबसे ज़्यादा हानिकारक होता है ।

4 पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज़्यादा इस्तेमाल करें

वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला हानिकारक धुआँ वायु प्रदुषण का मुख्या कारण है इसलिए जितना हो सके उतना पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें ।

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