भारत की पहली फुल टाइम फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बजट 2019 महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया है। उन्होंने महिलाओं को ध्यान में रखा और अपने बजट भाषण के दौरान नारी तू नारायणी शब्द का उच्चारण किया। निर्मला सीतारमण भारत की पहली महिला वित्त मंत्री हैं (इंदिरा गांधी के अलावा जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान वित्त वर्ष में कुछ समय के लिए वित्त को अपने हाथ में रखा था) और उनके बजट में कई चीजें थीं जो महिलाओं को प्रभावित करती हैं। यहां केंद्रीय बजट 2019 में घोषणाओं पर एक विस्तृत सूची है जो महिलाओं को हर तरीके से प्रभावित करती है:

 सभी योजनाएं महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं ’

भारत की महिलाओं के लिए – नारी तू नारायणी देश की परंपरा रही है. “जब तक महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं होगा, दुनिया का कल्याण नहीं होगा। ”

जब तक महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं होगा, विश्व का कल्याण नहीं होगा  – निर्मला सीतारमण बजट 2019

उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत में, बहुत सारे ऐसे भारतीय, और किसान है जो केंद्रीय बजट 2019 पर सरकार द्वारा तैयार किए गए सभी कार्यक्रमों का लाभ उठा पाएं, लेकिन सरकार को ग्रामीण महिलाओं की अर्थव्यवस्था में भागीदारी को शामिल करने के लिए भी काम करना होगा ।

फाइनेंसियल बेनिफिट्स

जन धन खाते वाले प्रत्येक सत्यापित महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (एसएचजी) के सदस्य को 5,000 रुपये की ओवरड्राफ्ट की अनुमति दी जाएगी। हर एसएचजी में एक महिला को मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये तक के लोन के लिए काबिल माना जाएगा।

स्टार्ट-अप और एन्त्रेप्रेंयूर्शिप

“एंजेल टैक्स के स्टार्ट-अप्स के मुद्दे को हल करने के लिए और जो इन्वेस्टर ज़रूरी डेक्लरेशंस दाखिल करते हैं, उन्हें शेयर प्रीमियम के पैमाने पर  किसी भी तरह की छानबीन के अधीन नहीं किया जाएगा। सी -रमन ने कहा कि ई-वेरिफिकेशन के लिए भी एक मापदंड रखा जाएगा और इसके साथ ही स्टार्ट-अप्स द्वारा जुटाए गए फंड को किसी कर जांच की जरूरत नहीं होगी।

 लास्ट माइल इलेक्ट्रिफिकेशन

 फाइनेंस मिनिस्टर ने एनडीए सरकार की “वन नेशन वन ग्रिड” योजना के अंदर सभी के लिए सस्ती बिजली पर जोर दिया। यह गरीबों को मुफ्त बिजली और दूसरों को बहुत सस्ती दर पर बिजली प्रदान करने पर केंद्रित है। उन्होंने 2022 तक सभी को बिजली देने का वादा किया।

सीतारमण ने कहा, “गाँव, गैरीब और किसान सभी हमारी नीतियों के केंद्र में हैं,” सभी गाँवों और लगभग 100% घरों में बिजली पहुंचाई गई है। “

उन्होंने कहा कि हर एक ग्रामीण परिवार, जो कनेक्शन लेने के लिए तैयार नहीं हैं, उनको छोड़कर, 2022 तक बिजली और स्वच्छ खाना पकाने वाली गैस सबके पास होगी।

 सभी घरों में रसोई गैस कनेक्शन

 क्योंकि खाना पकाने के फ्यूल  का उपयोग करने के बाद छोड़े गए धुएं के कणों के कारण महिलाएं वायु प्रदूषण से सबसे अधिक प्रभावित होती हैं, इसलिए सभी महिलाओं के लिए देश भर में एलपीजी सिलेंडर पहुंचना बहुत ज़रूरी है। इससे पहले सरकार ने मार्च 2019 तक पांच करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा था लेकिन फरवरी में अंतरिम बजट से पता चला कि छह करोड़ से अधिक कनेक्शन पहले ही दिए जा चुके थे। एफएम सीतारमण ने उज्ज्वला योजना के अंदर 2022 तक सभी को एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया।

 स्वच्छ भारत अभियान

 ग्रामीण महिलाएं अपने घरों में शौचालय की कमी के कारण बहुत लम्बे समय से परेशान हैं और पीएम मोदी के प्रमुख स्वच्छ भारत अभियान के साथ, करोड़ों महिलाओं को लाभ हुआ है क्योंकि उन्हें उनके घरों के अंदर शौचालय उपलब्ध कराया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2014 से “9.6 करोड़ शौचालय बनाये गए है”। उन्होंने वादा किया है कि भारत इस साल 2 अक्टूबर तक ‘खुले में शौच मुक्त’ होगा उस दिन  महात्मा गांधी की जयंती भी है।

पैन आधार लिंकेज

 इस केंद्रीय बजट में, सरकार ने टैक्स रिटर्न दाखिल करने को आसान बनाने के लिए पैन और आधार को “इंटरचेंंजेबल” बनाने का प्रस्ताव दिया है।

सोने की कीमत पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी गई है

केंद्रीय बजट में सोने चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है।

उच्च वर्ग पर टैक्स बढ़ेगा

पांच करोड़ रुपये और इससे अधिक की आय वाले लोग अब 42 प्रतिशत टैक्स ब्रैकेट में होंगे।

 


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