मासिक धर्म पर बनने वाली एक फ़िल्म को ऑस्कर मिला और हम खुद को रोक नहीं पा रहें। प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा ने “एंड ऑफ़ सेंटेंस” शार्ट फ़िल्म के लिए ऑस्कर उठाया। डायरेक्टर रायका ज़हतबची की ये फ़िल्म जोकि भारत पे आधारित है, उसे बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शार्ट फ़िल्म के लिए अकादेमी पुरुस्कार मिला।

पैड मैन फ़िल्म को प्रेरित करने वाले अरुणाचलम मुरुगंथम भी इस फ़िल्म का हिस्सा बने। ऑस्कर लेने के बाद, मोंगा ने ट्वीट किया “हम जीत गए, इस धरती पे रह रही हर लड़की को मैं ये कहना चाहती हूँ कि आप एक देवी हैं”। ये भारत के अकादमी अवार्ड में आधिकारिक प्रवेश था।

कौन है गुनीत मोंगा और क्यों इनकी जीत हमारी जीत है?

● एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा दिल्ली में पली बढ़ी, 2003 में उन्होंने एक प्रोडक्शन कोऑर्डिनेटर के मार्गदर्शन में इंटर्नशिप की। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से मास्स कम्युनिकेशन किया।

● जब वे छोटी थी तो उन्होंने अपने घर में घरेलू शोषण देखा और उनके माता एवं पिता की मृत्यु तब हुई जब वो काफ़ी छोटी थी।

● कॉलेज के बाद उनकी दिलचस्पी एडिटिंग में आई और आखिर कार वो इंटरनेशनल प्रोडक्शन के नीचे एक फुल-टाइम प्रोडक्शन कोऑर्डिनेटर बनी।

● 2006 की फ़िल्म से सलाम इंडिया से उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत की और लोगों को उनके जुनून के बारे में पता चला। क्रिकेट पे आधारित ये फ़िल्म 2007 के विश्व वर्ल्ड कप के पेहेले आयी पर चल न पायी। तब इस प्रोड्यूसर ने दिल्ली के स्कूल में इस फ़िल्म को दिखाया ताकि कुछ पैसे वापस आ पाए।

● इन्होंने ध्यान देने योग्य फिल्मो में प्रोडक्शन किया जैसे कि गैंग्स ऑफ वस्सेयपुर, पेड़लर्स, द लंचबॉक्स, मसान और ज़ुबान। इन्होंने रंग रसिया ,दासविदानिया और वन्स अपॉन आ टाइम इन मुंबई में भी अपना योगदान दिया।

● वे एक प्रोडक्शन कंपनी चलाती हैं एवं उनका अपना प्रोडूक्शन ऑउटफिट है-सिखया एंटरटेनमेंट जो कि एक बुटीक फ़िल्म प्रोडक्शन है जो 2008 में बना। ये एक बाफ्टा नामांकित व्यक्ति भी हैं।

● वैरायटी मैगज़ीन के अनुसार गुनीत उन 50 औरतो में से एक हैं जो कि मनोरंजक उद्योग को पूरे विश्व में प्रसारित कर रहीं हैं। मार्च 2018 में इस मैगज़ीन ने अपनी पहली इंटरनेशनल वोमेन्स इम्पैक्ट रिपोर्ट बाहर निकाला जिसमें भारतीय महिलाओं में दीपिका पादुकोण के साथ साथ गुनीत भी थी।

● पीरियड, एन्ड ऑफ साइलेंस, रायका ज़हतबची ने निर्देशित की जो कि ईरानिय-अमेरिकन हैं। इसकी शूटिंग 2016 में हुई।

● इस फ़िल्म को 2017 में फेस्टिवल्स में दिखाया गया जहां इसने कई पुरुस्कार जीते। ये नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।

पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस उन औरतों के बारे में बताता है जो कि मानसिक धर्म के कलंक से पीड़ित हैं और कैसे उन्होंने अपने आप को सशक्त बनया । वह एक ऐसी जिंदगी जी रही है जहां उनके पास सेनेटरी पैड नहीं है और उन्हें स्कूल से बाहर निकाल लिया जाता है और वह रोजमर्रा के कामों में भाग नहीं ले सकती इस सामाजिक कलंक की वजह से। इस फ़िल्म में ये दर्शाया जाता है कि कैसे यह औरतें अपने आप को सशक्त बनाती हैं अपने गांव में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन इंस्टॉल करके। धीरे धीरे वो खुद ये बनाना सीख लेती हैं और बेचना शुरू करदेती हैं।

मूंगा इस कार्य के लिए लॉस एंजिलिस गई ताकि वह ऑकवुड स्कूल के बच्चों को इस बारे में बता सके और मेलिसा बर्टन से मिली जिन्होंने द पैड प्रोजेक्ट शुरू किया जो कि पीरियड, एंड ऑफ सेंटेंस के पीछे की प्रेरणा बना। मोंगा ने कहा “बर्टन एक सपना देखने वाली ऐसी औरत हैं जो ये कहती हैं कि हम लड़कियां कुछ भी कर सकती हैं”, वो माता पिता से मिल रहीं हैं और पैसे जोड़ रहीं हैं जो कि आसान नहीं है और मैं जब भी इसके बारे में सोचती हूँ, मेरे शरीर में रौंगटे खड़े हो जाते हैं”।

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