पुरुषों के साथ-साथ फ्रंट-लाइन्स पर सेवा करने का अवसर पाने के लिए, सेना को 100 पदों के लिए दो लाख उत्साही युवा महिलाओं से काफी रिस्पांस मिला । सभी रूढ़ियों को तोड़ते हुए, ये महिलाएं खुद आगे आकर राष्ट्र की सेवा करने के लिए तैयार हैं। अप्रैल में, भारतीय सेना ने महिलाओं के लिए मिलिट्री पुलिस में सोल्जर्स जनरल ड्यूटी (महिला मिलिट्री पुलिस) के रूप में शामिल होने का मौका दिया। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून है। सब कुछ जानने के बाद, चुने हुए उम्मीदवारों को एक कॉल किया जाएगा। “महिला मिलिट्री पुलिस के लिए भर्ती रैली अंबाला, लखनऊ, जबलपुर, बेलगाम और शिलांग में आयोजित की जानी है। इनमें से पहली रैलियां बेलगाम (कर्नाटक) में होंगी। यह शायद  जुलाई के आखरी हफ्ते में होगा, ”आर्मी हेडक्वार्टर्स के एक सीनियर अफसर ने टीओआई को बताया।

महिला मिलिट्री पुलिस के लिए भर्ती रैली अंबाला, लखनऊ, जबलपुर, बेलगाम और शिलांग में आयोजित होगी।”

चुनाव के मापदंड

 सेना ने उम्मीदवारों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार महिला सैनिकों की आयु 17 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उनके पास 10 वी कक्षा में कुल 45 प्रतिशत अंकों की  योग्यता होनी चाहिए। सैनिको की विधवाओं  के लिए आयु सीमा 30 वर्ष (बच्चों के बिना) तक बढ़ जायेगी। दूसरे, उम्मीदवारों को अविवाहित या विधवा / अलग होना चाहिए। एक वर्ष की ट्रेनिंग से पहले या उसके दौरान शादी करना मना है। विधवा या शादी के बाद अलग हो चुके उम्मीदवारों के पास ट्रेनिंग खत्म होने तक बच्चे नहीं होने चाहिए। किसी भी गर्भवती / विवाहित / बच्चों वाली महिलाओं का मिलिट्री पुलिस में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

फिजिकल फिटनेस टेस्ट में पास होने के लिए, महिला उम्मीदवारों को सात मिनट में 1।6 किमी दौड़ना होगा। उन्हें 10 फीट की लॉन्ग जम्प और तीन फीट की हाई जम्प भी करनी होगी। सैनिकों की बेटियों, पूर्व सैनिकों, शहीदों की बेटी, शहीदों की बहू, शहीदों की विधवाओं को कुछ छूट दी जाएगी। एक सरकारी मेडिकल डॉक्टर से एक मेडिकल सर्टिफिकेट रिक्रूटमेंट रैली पर लाना है जिससे यह साबित हो की  उम्मीदवार गर्भवती स्थिति में नहीं है ।

चुने हुए कैडेट, यूनिटों में तैनात होने से पहले बेंगलुरु के कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस रेजिमेंटल सेंटर में एक साल की ट्रेनिंग लेंगे। जिसके बाद, इन महिला मिलिट्री कर्मियों को शुरू में उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा जहां उन्हें महिलाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत है या जहा उनकी ज़रूरत ज़्यादा हैं। उन्हें जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ देश के बाकी  हिस्सों में भी भेजा जाएगा। कुल 1,700 महिला सैनिकों को शुरू में अलग -अलग हिस्सों में भर्ती किया जाना है। इन महिला कैडेटों को उन क्षेत्रों में भी तैनात किया जाएगा, जहां सैनिकों के अलग-अलग पारिवारिक घर  स्थित हैं। ये ऐसे क्वार्टर हैं जहां जवानों के परिवार तब रहते हैं जब सैनिक फील्ड एरिया में तैनात होते हैं।

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