राज्य सरकार की वकील नूतन यादव की सोमवार रात में उनके सरकारी आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। एटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने मीडिया को बताया, “35 वर्षीय यादव पुलिस लाइंस के सामने एटा में सरकारी क्वार्टर में रह रही थी । वह अविवाहित थी और अकेली रह रही थी। एक दो लोग उनके  गाँव से आते थे और उनके घर पर रहते थे। नूतन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ”

इंस्पेक्टर जनरल पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने मंगलवार को कहा था, “उनके माता-पिता की शिकायत पर दो व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

पुलिस ने भारत सिंह नाम के एक शख्स को हिरासत में लिया है और एक अन्य आरोपी धर्मपाल सिंह को दबोचने की कोशिश कर  रही है।

एएसपी ने कहा, ” हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग, हत्या का कारण प्रतीत होता है। ” उन्होंने कहा, “जो लोग उनके पास गए थे, वे संदेह के दायरे में हैं। अधिकारी ने कहा कि यादव के परिवार के सदस्यों को भी उनकी भूमिका पर संदेह है। पुलिस द्वारा शुरूआती जांच इस बात की ओर इशारा करती है कि यादव को करीब से पांच बार गोली मारी गई थी। चार गोली के निशान उनके चेहरे पर और एक उनकी छाती पर मिले हैं।

“सोमवार की रात, वह अकेली थी। मंगलवार सुबह यादव की नौकरानी द्वारा शव को पहली बार देखा गया था और उसने पड़ोसियों को फोन किया, “कुमार ने कहा।

एएसपी कुमार ने यह भी कहा कि मामला सुरक्षा चूक के रूप में नहीं दिखता है क्योंकि अपराधियों का प्रवेश दोस्ताना था और पड़ोसियों ने गोलियों की आवाज नहीं सुनी। इस बीच, एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाईं ने संवाददाताओं से कहा कि अपराध स्पष्ट रूप से परिवार के करीबी परिचित द्वारा किया गया था।

ऍनडीटीवी ने कहा, “दोषी को बुक किया जाएगा और कार्रवाई शुरू की जाएगी।

यादव मूल रूप से आगरा जिले के बरहन इलाके की रहने वाली थी और एटा जिले के जलेसर कोर्ट में सहायक अभियोजन अधिकारी के रूप में तैनात थी।

उनके परिवार के सदस्यों ने भरत और धर्मपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है – दोनों परिवार के दूर के रिश्तेदार हैं। पुलिस ने शिकायत आईपीसी की धारा 302 के तहत दर्ज की है।

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