विश्व भर में आज भी औरतों पे ज़ुल्म किये जाते हैं। कुछ के पीछे कोई सोच नहीं होती तो कुछ के पीछे धर्म और संस्कार का तर्क होता है। दुनिया भर में हर क्षेत्र के लोगों ने अलग अलग व्यवहार और ढंग अपना रखें हैं, कुछ गलत तो कुछ तर्कहीन। आईये देखते हैं कि क्या हैं ये।

साइबेरिया और नॉर्थ अमेरिका के एस्किमोस

नार्थ अमेरिका औए ईस्ट साइबेरिया के एस्किमोस के कुछ तौर तरीके एकदम एक जैसे है। वो पत्नीयों को आपस में बदलते हैं। उनका ये मानना है कि ये बुरी आत्माओं को भ्रमित करेगा और उन्हें सुरक्षित रखेगा। इस आबादी का ये भी मानना है कि औरतों में हो रहें मानसिक धर्म उनके लिए हानिकारक है और ये की वो समुद्र में डूब जाएंगे अगर उन्होंने ऐसी महिला को हाथ लगाया।

हिमालय में बहुविवाह

हिमालय में आज भी ये परंपरा चलती है जहाँ सारे भाई एक ही पत्नी से विवाह करते है। हिमालय जहाँ खेती बाड़ी की ज़मीन काम5 है, वहाँ भाइयो में ज़मीन न बटें इस कारण सबका विवाह एक ही लडक़ी से करवा दिया जाता है।

इंडोनेशिया का उत्सव

इंडोनेशिया में पौन नामक उत्सव होता है जो कि साल में सात बार होता है। उत्सव मनाने वाले लोग जावा पहाड़ पे हर साल जाते हैं और उसके बाद अच्छी आर्थिक स्तिथि की कामना करते हुए शारीरिक संबंध बनाते हैं पर एक दूसरे के साथ नही अथवा दूसरी औरत के साथ। लेकिन उनकी ये मनोकामना तभी पूरी होती है अगर सातों बार वो एक ही औरत के साथ शारिरिक संबंध बनाए।

जहाँ दूसरों की पत्नियों को छीन लिया जाता है

नाइजर के वोदाबी लोग में पुरुष दूसरों की पत्नियो को भगा ले जाते हैं। वोदाबी में पहली शादी तो माता और पिता के सौजन्य से होती है किंतु गेरेवोल उत्सव में पुरुष अपने आप को सजा के , वेशभूषा में आके महिलाओं के सामने नाच के उन्हें खुश करने की कोशिश करते हैं। अगर ये नया जोड़ा सबकी नजरों से बचके भाग जाता है तो वो सामाजिक तौर से स्वीकर किये जाते है।

विवाह के पहले के संबंध को रोकना

पूर्वी अफ़्रीका और पेरुवियन भारत के कुछ कबीले विवाह के पहले होने वाले संबंधों को रोकने के लिए लड़कियों के अंदरुनी अंगों को सिल देते हैं, ताकि लड़की गर्भवती न बन पाए। इस परंपरा को इंफीबुलाशन का नाम दिया जाता है।

धार्मिक परंपरा के नाम पे महिला का तिरस्कार

भारत, बेबीलोन, अफ्रीका और ग्रीस में एक बहुत ही अजीबो गरीब धार्मिक परंपरा का पालन किया जाता था जहाँ कुछ महिलाएं अपने आप को उर्वरत्व देवी और देवताओं के शरण में अपने आप को सौप देती हैं। वो औरत मंदिर के पुजारी या वहां आये लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाती थी। इसी आधार पे ये भी माना जाता है कि वेश्यावृति की ये परंपरा धार्मिक आस्था के तौर से शुरू हुई और फिर खंडित रूप से देखी गयी।

मेंटवीआन की औरतें

सुमात्रा के मेंटवीआन कबीले की लड़कियों का छोटी सी उम्र में ही उनके दांतों को आकार दिया जाता है एक नोकीले ब्लेड द्वारा। ये सब उनके साथ तब किया जाता है जब उनके मुँह में इंजेक्शन दिया जाता है। ये सब सिर्फ पुरूष के खुशी के लिए किया जाता है।

कैमरून और नाइजीरिया की औरतें

कैमरून और नाइजीरिया की लकड़ियों के स्तन छोटे उम्र में ही जला दिए जाते हैं। इस परंपरा का सिर्फ और सिर्फ इसलिए पालन किया जाता है ताकि इन लड़कियों के साथ कोई दुष्कर्म ना हो और लड़कों का ध्यान इनकी तरफ़ न जाये। छलनी और हतोड़े के इस्तेमाल को गर्म करके इनके साथ ये किया जाता है। यहाँ की मातायें इसपे रोक नही लगाती क्योंकि वो ये चाहती हैं कि उनकी बेटी पढ़े और लिखे।

ये सब परंपरा या क्रूरता सही है या गलत , ये हम आप पे छोड़ते है पर सदियों से हो रहें ऐसे और कई अत्याचारों से महिलाओं की हिम्मत और उनकी साहस पर रोक लगी हुई है।

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