भारत की टॉप पहलवान विनेश फोगाट ने अपनी वेट कैटेगरी बदलने के बाद ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए रविवार को स्पेन ग्रैंड प्रिक्स में 53 किग्रा वर्ग में पहला गोल्ड मैडल जीता। दिव्या काकरन (68 किलोग्राम) ने भी एक गोल्ड मैडल हासिल किया। टोक्यो ओलंपिक्स के लिए भारत की पदक दावेदारों में से एक विनेश ने नयी वेट कैटेगोरी में अपना तीसरा टूर्नामेंट खेल रही हैं।

दमदार प्रदर्शन

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप से पहले स्पेन में ग्रैंड प्रिक्स रेसलिंग टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन दिखाने के साथ ही प्रैक्टिस कैंप के लिए क्वालीफाई करने में भी सफल रही हैं । भारतीय महिला पहलवानों की धमाकेदार शुरुआत हुई है। सात पहलवानों में से छह ने मेडल जीते हैं, मेडल जीतने वाली पांच पहलवान हरियाणा की रहने वाली हैं।

विनेश फौगाट और दिव्या काकरान ने गोल्ड मेडल जीते हैं, जबकि बाकी चार ने सिल्वर मेडल जीता है। वहीं, साक्षी मलिक के पैर में चोट लगने से बड़ा झटका लगा है। इससे मलिक की विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों पर असर पड़ेगा।

टोक्यो में 2020 में होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के लिए एक महीने बाद ही विश्व चैंपियनशिप होनी है। इसमें हर वेट केटेगरी के पहले पांच पहलवानों को ओलंपिक का टिकट मिलना है। इसलिए पहलवान पहली बार में ओलंपिक का टिकट पक्का करने के लिए प्रैक्टिस सीरीज में काफी मेहनत कर रहे है।

विश्व चैंपियनशिप से पहले ही भारतीय महिला पहलवानों को स्पेन ग्रैंड प्रिक्स रेसलिंग टूर्नामेंट के लिए स्पेन भेजा गया है। सात पहलवानों में से छह ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मेडल जीते हैं।

53 किलो में विनेश ने गोल्ड, 68 किलो में दिव्या काकरान ने गोल्ड, 50 किलो में सीमा ने सिल्वर, 57 किलो में पूजा ढांडा ने सिल्वर, 59 किलो में मंजू ने सिल्वर और 72 किलो में किरन ने सिल्वर मेडल जीता है।

साक्षी मालिक के पैर में लगी चोट

जहाँ पूरे देश में भारतीय महिला पहलवानों के पदक जीतने से खुशी का माहौल है, वहीं ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक के पैर में चोट लग गई है। साक्षी मलिक को दो दिन पहले स्पेन में चोट लगी है, जिससे वह ग्रैंड प्रिक्स टूर्नामेंट में नहीं खेल पाई है। साथ ही उनकी विश्व चैंपियनशिप की ट्रेनिंग पर भी इसका असर पड़ेगा, क्योंकि पहलवानों को वहां कैंपिंग भी करनी होगी। साक्षी को अभी एक सप्ताह से ज्यादा समय तक कुश्ती से दूर रहना पड़ सकता है।

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