व्यवधान श्रेणी में डिजिटल वुमेन पुरस्कार विजेता श्रुति दांडेकर, एक आर्किटेक्ट है जिन्होंने कुछ साल पहले पोर्ट्रेट क्विलटिंग को चुना. ऑर्किंग और ब्लॉगिंग की प्रक्रिया के दौरान, उन्होंने रचनात्मक महिला उद्यमियों को अपने सफल घर-आधारित व्यवसाय शुरू करने में मदद करने के लिए काम करना किया. उन्होंने 2011 में “13 वुडहाउस रोड” शुरू किया. एक साक्षात्कार में, दांडेकर ने अपने जुनून, उद्यम और दूसरी जानकारियां साझा की.

“असल में मैं एक वास्तुकार हूं. मैंने अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए वास्तुकला के आपने करियर को छोड़ दिया. मेरा जुनून क्विलटिंग में है.”

2014 पहला वर्ष था, जब दांडेकर ने अपने जुनून को एक व्यावसायिक उद्यम में बदल दिया.जल्दी शुरू करना. दांडेकर कहती हैं, “मैं 13 वर्ष की उम्र से ही एक उद्यमी रही हूं.” वह बताती है कि जब उन्होंने पहली बार दिवाली लालटेन बनाने और बेचने का अपना उद्यम शुरू किया था। “वहां से क्विंलट बनाने और क्विंलट से पोर्ट्रेट बनाने और ब्रांड एंबेसडर के रूप में तीन अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों का प्रतिनिधित्व करने और अंतरराष्ट्रीय संगठन के निदेशक मंडल में, यह यात्रा मेरे लिये अच्छी रही है.”

दांडेकर इस उपलब्धि का श्रेय इस बात को देती है कि उन्हें अपने जुनून को आगे बढ़ाने का मौका मिला. “तो मुझे पैसे के लिए कभी काम नहीं करना पड़ा. तो मैं काम में अपनी 100% कोशिश कर सकीं क्योंकि मैंने उसे कभी भी काम माना ही नही. ”

अपने काम पर

वह वर्तमान में एक क्विंलट परियोजना पर काम कर रही है जो कि आकार में 21 फीट x 8 फीट है. वह कहती है कि, वह उस परियोजना के अंत तक 600 घंटे से अधिक का काम कर चुकी होगी! लगभग 10-15 घंटे दिन में लगातार काम करने के बाद भी, दांडेकर का कहना है कि वह बिल्कुल थकी हुई महसूस नही करती हैआपके अनुसार क्या चीज़ है जो महिलाओं को पीछे रखती है?

दांडेकर कहती हैं, “हमें अपनी क्षमता का एहसास नहीं होता हैं और हम हमेशा दूसरों के बारे में सोचते है यह सोचने से पहले की हमें क्या चाहिये.”

अपने बारें में बात करते हुये उन्होंने उदाहरण देते हुये बताया कि जब हम खाना बनाते है तो भी हम पहले सोचते हैं कि अन्य सदस्यों को क्या पसंद आयेंगा.

“अगर आप मुझसे पूछे कि ड्राइविंग करते समय कार में मेरा पसंदीदा गीत क्या है तो मुझे याद भी नहीं होगा. क्योंकि हर बार हम वही गाने सुनते है जो मेरे पति को पसंद है या फिर मेरे बेटे को पसंद है.”

वह कहती है कि कभी-कभी हमें खुद को पहले रखना होगा और इससे हमें पता चल पायेंगा कि हमें क्या करना चाहते हैं.

“मैंने डेढ़ साल पहले ध्यान करना शुरू किया और उससे मुझे बहुत मदद मिली – मैं खुद पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं और सोच रही हूं कि मैं क्या पाना चाह रही हूं और उसे क्यों कर रही हूं.” दांडेकर उन लोगों के लिए एक सच्ची प्रेरणा है जो अपने मक़सद को पाना चाहते है और अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं.

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