महिला वैज्ञानिक पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ रही हैं ! जिसे वैश्विक क्षेत्र में भारतीय विज्ञान के लिए एक भरण-पोषण कहा जा सकता है, वैरोलॉजिस्ट और वैज्ञानिक गगनदीप कांग , इस सम्मान को प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला वैज्ञानिक फेलो ऑफ रॉयल सोसाइटी (एफ आर एस) के रूप में चुना गया है।

ट्रांसजेंडर हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (टीएचएसटीआई), फरीदाबाद की  कार्यकारी निदेशक, कांग, टीएचएसटीआई के साथ काम करने के लिए सीएमसी, वेल्लोर से एक विश्रामालय पर थी ।

गगनदीप, वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में एक प्रोफेसर थी जो की काफी समय से  विश्राम पर थी । वह वर्तमान में फरीदाबाद में ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (टी एच एस टी) के कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्य कर रही थी। 2016 में, सार्वजनिक स्वास्थ्य में उनके काम के लिए उन्हें लाइफ साइंसेज में इन्फोसिस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उस समय वह डब्ल्यूएचओ के दक्षिण पूर्व-एशिया क्षेत्र के इम्मुनाइसेशन टेक्निकल  अडवाइज़री ग्रुप की अध्यक्ष थीं।

“गगनदीप  संक्रमण और शारीरिक और कॉग्नेटिव विकास के बीच संबंधों की जांच कर रही है , और भारत में एक मजबूत मानव इम्यूनोलॉजी अनुसंधान बनाने की मांग कर रही  है। रॉयल सोसाइटी की वेबसाइट पर उनका प्रोफाइल बताता है कि उन्होंने क्लिनिकल ट्रांसलेशनल मेडिसिन में स्टूडेंट्स और यंग फैकल्टी के लिए मजबूत ट्रेनिंग प्रोग्राम स्थापित किए हैं।

57 वर्षीय गगनदीप इस सूची का एक हिस्सा है जिसमें भारतीय मूल के कनाडाई-अमेरिकी गणितिज्ञ मंजुल भार्गव शामिल हैं जो संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रिंसटन विश्वविद्यालय में गणित की प्रोफेसर हैं।

एफआरएस दुनिया का सबसे पुराना वैज्ञानिक संस्थान है, और विज्ञान में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। गगनदीप ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (टीएचएसटीआई), फरीदाबाद के कार्यकारी निदेशक हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दक्षिण पूर्व-एशिया क्षेत्र के इम्मुनाइसेशन टेक्निकल अडवाइज़री ग्रुप की अध्यक्ष थीं।

रॉयल सोसाइटी की वेबसाइट के अनुसार, गगनदीप अपने अंतर-अनुशासनात्मक अनुसंधान के लिए जानी जाती है, जो भारत में बच्चों में एंटरिक संक्रमण, उनके संक्रमण और उनके सीक्वेल की रोकथाम, विकास का अध्ययन करता है।

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