ट्रेवल करने का ख्याल ही हम सभी को उत्साहित कर देता है। और करे भी क्यों न, क्यूंकि ट्रेवल करना हमेशा लाभ से परिपूर्ण होता है। यह हमारे शरीर और मस्तिष्क दोनों के विकास के लिए ज़रूरी है। लेकिन कुछ लोग काम के भार या पैसों की कमी का बहाना देकर यात्राओं पर जाने का ख्याल टाल देते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि हम यात्राओं पर जाने के पांच अनोखे लाभों को समझें।

स्वयं को बेहतर तरह से जानना 

यात्रा एक अनुभव के साथ-साथ अनुभूति भी है। यह आपको रोज की ज़िंदगी के अलावा कुछ अलग करने का मौका देती है। यात्रा के दौरान, हम अपने काम-काज से फुर्सत पाते हैं और सबसे बड़ा लाभ यह है कि हम स्वयं के साथ समय व्यतीत कर, खुद के बारे में बेहतर तरीके से जान पाते हैं। यह ब्रेक हमारे लिए ज़रूरी भी है। खुद को जानने के बाद वापस लौट कर एक नयी शुरुआत करना काफी संतोषजनक होता है। जिस तरह से आप किसी यात्रा की शुरुआत करते हैं, वह उस तरह से ख़त्म नहीं होती। बल्कि आपके मस्तिष्क को पूर्ण रूप से बदल देती है।

नयी चीज़ों को महसूस करने का मौका 

सिर्फ यात्रा ही वो अनमोल चीज़ है जो आपको एक बार में ही कई नए अवसर प्रदान करती है। फिर चाहे वो नए लोगों से मिलना हो, नए दोस्त बनाना हो, अलग रीती-रिवाज़ों को जानना हो, या नयी भाषाएँ सीखना हो। यात्रा के दौरान आप इन सभी चीज़ों का लुफ्त उठा सकते हैं। जिन चीज़ों के बारे में अपने सिर्फ पढ़ा है और सीखा है, उन चीज़ों को आप असल में देखने के साथ-साथ महसूस भी कर सकते हैं। यात्राओं पर लेखन करने वाले लोग, इस लाभ को एहम मानते हैं।

सामाजिक दायरे का बढ़ना

आज लोगों के सामाज में सम्बन्ध पहले के मुताबिक काफी कम हैं और जो हैं वह ज्यादातर टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया के माध्यम से हैं। इसलिए यात्रा एक एडवेंचर है। नए लोगों को जानना और उनके तौर-तरीकों को समझना अपने में ही एक कला है। कभी-कभी हम उन लोगों के संपर्क में नहीं रह पाते जिनसे हम यात्रा के दौरान मिलते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि वो लोग हमें याद नहीं रहते। साथ ही, कुछ संपर्क ऐसे बन जाते हैं जो हमेशा आपको नयी यात्राएं करने के लिए प्रेरित करते हैं। यदि आपको यात्रा करना नहीं पसंद है तो आप यह सोच कर जा सकते हैं कि इससे आपका सामाजिक दायरा बढ़ सकता है जो हर व्यक्ति की प्रगति के लिए ज़रूरी है।

मानसिक तनाव और चिंता से आराम 

काफी लोगों के लिए यात्रा करना मानसिक तनाव और चिंताओं का इलाज करने जैसा होता है। जिस तरह पूरे दिन कुर्सी पर बैठकर काम करने के बाद एक छोटी-सी कुछ मिनटों की वॉक आपके शरीर और मस्तिष्क को राहत पहुँचाती है, उसी तरह यात्रा भी आपको रिफ्रेश करने के लिए महत्वपूर्ण है। घर पर आराम करना भी तनाव दूर कर सकता है लेकिन यात्रा आपको अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकाल देती है।

खुद को स्मार्ट, आत्मविश्वासी, और लचीला बनायें 

कहते हैं कि व्यक्ति की आदतें बहुत मुश्किल से बदलती हैं। लेकिन यात्रा के सन्दर्भ में यह बात गलत साबित हो सकती है, क्यूंकि यात्रा आपको स्मार्ट और आत्मविश्वासी बना देती है। आपके ज्ञान का संसार बढ़ जाता है जिससे आपमें आत्मविश्वास आता है। साथ ही, आपका कम्फर्ट जोन आपसे अलग रह जाता है जिसकी वजह से आप अपने आप में एक लचीलापन महसूस करते हैं।

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