महिलाएं आसान शिकार है ऑनलाइन सुरक्षा उल्लंघन, दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न की. चाहे वह ट्रोल हो या ईव टीज़र, ऑनलाइन या ऑफ़ लाइन, महिलाएं हमेशा आसान निशाना होती है. SheThePeople.Tv की सेफ्टी समिट में दूसरी पैनल चर्चा महिलाओं और जेंडर दुर्व्यवहार पर केंद्रित है, जो ऑनलाइन होता है.

पैनल चर्चा में ट्विटर की पब्लिक पॉलिसी हेड महिमा कौल, लेखिका नाज़िया इरम और गुरूंग रीना जो कि दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और कार्यकर्ता है शामिल हुई. पैनल का संचालन SheThePeople.Tv  की लेखिका और विचार संपादक किरण मनराल ने किया.

ट्रोल के पीछे मनोविज्ञान

मनोवैज्ञानिक अनीता मिश्रा ने जोर दिया कि उनके साथ मनोवैज्ञानिक मुद्दे हैं जो दूसरों को ट्रोल करते हैं.  ऐसे परिदृश्य में, हमें भावनात्मक रूप से बुद्धिमान होना चाहिए और हमें अपनी अभिव्यक्ति का ऑफ़लाइन और ऑनलाइन ध्यान रखना चाहिये.

“हमें समस्या से निपटने के लिए विश्वास और एकजुटता की जरूरत है,” – किरण मनराल

समस्या को हल करने के लिए और अधिक महिलाओं को ऑनलाइन लाया जायें

लेखिका नाज़िया इरम ने बताया कि हमारे लिए रचनात्मक प्रतिक्रिया और ट्रोलिंग के बीच एक रेखा खींचने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि वह अक्सर ट्रोल की जाती है धर्म की राजनीति के लिए. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जेंडर दुर्व्यवहार से निपटने का एक तरीका है कि अधिक महिलाएं ऑनलाइन लाई जायें.

ऑनलाइन दुरुपयोग से निपटने के लिए कानून लागू करना

ट्विटर पर सार्वजनिक नीति को संभालने वाली महिमा कौल ने बताया कि उन्होंने ट्विटर पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ रेखाएं तय कर रखी हैं.  उन्होंने यह भी बताया किया लगातार ट्रोल करने वाले लोगों को निलंबित कर दिया जाता है अगर वह बार बार चेतावनी देने के बाद भी उसका पालन नही करते है

“हम पॉलिसी कार्यक्रम करते हैं और महिलाओं को सुरक्षा मुद्दों के बारे में विस्तार से बताने के लिये दिलचस्प कार्यक्रम करते हैं।” – महिमा कौल

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर गुरूंग रीना ने कहा कि हमें छात्रों को सही शिक्षा प्रदान करनी चाहिए और समस्या के मूल कारणों तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिए.

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