मणिपुर की सात साल की एक बच्ची लिसेप्रिया कंगुजम भारत को गौरवान्वित करेगी क्योंकि वह यूनाइटेड नेशंस को संबोधित करने जा रही है। लिसेप्रिया दूसरी कक्षा की छात्रा है वह स्विट्जरलैंड के जिनेवा में यूनाइटेड नेशंस मुख्यालय में 13 से 17 अप्रैल तक आयोजित होने वाले ग्लोबल प्लेटफॉर्म फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन 2019 के छठे सत्र में बोलेगी। कार्यक्रम का विषय “रेजिलिएंट डिविडेंड: टुवर्ड्स सस्टेनेबल एंड इनक्लूसिव सोसाइटीज” है।

लिसेप्रिया, जो वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय युवा समिति (आई वाई सी) में बाल आपदा जोखिम न्यूनीकरण अधिवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं, संयुक्त राष्ट्र कार्यालय द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण (यूऍनआई एस डी आर) और स्विट्जरलैंड सरकार के द्वारा आमंत्रित और सबसे कम उम्र की प्रतिभागी हैं। यूनाइटेड नेशंस में, यह भारतीय बच्ची एशिया और पैसिफिक के सभी बच्चों और युवाओं का प्रतिनिधित्व करेगी ।

इस कार्यक्रम में 140 देशों के प्रतिभागियों और विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी, रेडक्रॉस की राष्ट्रीय समितियों, अकादमियों, बच्चों और युवा संगठनों और अन्य लोगों के 3000 से अधिक प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है। इस बच्ची को नॉर्थ-ईस्ट नाउ द्वारा भेजा जाएगा । “जब टीवी पर मैं भूकंप और बाढ़, सुनामी के कारण लोगों को पीड़ित और मरते हुए देखती  हूं तो डर जाताी हूं। मैं रोती हूं जब मैं देखती हूं कि बच्चे अपने माता-पिता को खोते हैं या लोग आपदाओं के खतरों के कारण बेघर हो जाते हैं। मैं सभी से आग्रह करती हूं कि हम सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए उनके मेहनत, दिमाग और जुनून में शामिल हों। ”

लिसेप्रिया अभी सिर्फ 7  साल की है और दूसरी कक्षा में पढ़ती है । इतनी छोटी उम्र में वो संयुक्त राष्ट्र सभा में भारत का नेतृत्व करने जा रही है । पूरे भारत को उन पर गर्व है । वह सभा को सम्बोधित करने के लिए काफी उत्साहित है। वह इतनी काम उम्र में भारत का नेतृत्व करने वाली पहली बच्ची है ।

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