काम-क़ाज़ी जीवन में व्यस्तता होना लाज़मी है। हर व्यक्ति अपने काम को बखूबी करने का प्रयास करता है। लेकिन शायद हम सभी के मन में कभी न कभी कुछ ऐसे प्रश्न आते हैं जो हमारी काम-क़ाज़ी दिनचर्या पर सवाल उठाते हैं। ज्यादातर लोग इन प्रश्नों को अपने मन में ही दबा देते हैं क्योंकि ऐसा प्रतीत होता जैसे हम अपने मार्ग से हट रहे हैं। लेकिन इसमें कुछ भी गलत नहीं हैं बल्कि काम से कुछ समय का ब्रेक लेना तो एक आवश्यकता है। आईये उसके कुछ कारण देखते हैं।

खुद को तारो-ताज़ा करने का मौका

काम-क़ाज़ी जीवन एक समय पर इतना नीरस और उम्मीद के मुताबिक हो जाता है कि उसमे कुछ नया नहीं रहता। यही कारण है कि ज्यादातर लोग स्वयं को तारो-ताज़ा करने के लिए और अपनी व्यक्तिगत ज़िंदगी को समय देने के लिए ब्रेक लेना ज़रूरी समझते हैं।

अपने परिवार को समय देने का अवसर

एक समय पर हम सभी लोग अपने काम-क़ाज़ी जीवन के लोगों के ज्यादा करीब हो जाते हैं और अपने परिवार और दोस्तों के कम। कारण साफ़ है। इसीलिए एक ब्रेक लेना आपको अपनी पुरानी सामाजिक ज़िंदगी से जोड़ देता है और आपके अनुभवों में बदलाव आता है। अपने परिवार को समय देने के लिए आप एक पारिवारिक ट्रिप पर जा सकते हैं।

आत्मनिरीक्षण करें

काफी काम ऐसे होते हैं जो हम ना-खुश होकर, किसी मज़बूरी के चलते करते हैं। साथ ही, उसी काम में हम इतने व्यस्त रहते हैं कि हमे दूसरे विकल्प सोचने का अच्छा अवसर नहीं मिलता है। ब्रेक्स हमे आत्मनिरीक्षण करने का और खुद का उन्नयन करने का अवसर देते हैं।

योजनाएं बनाने का सही समय

जीवन में सिर्फ काम ही नहीं बल्कि बाकी चीज़ों का भी प्रबंधन साथ-साथ करना पड़ता है। इसीलिए ये ब्रेक्स हमे आगे के लिए नयी-नयी योजनाएं बनाने का सही मौका देते हैं। इन ब्रेक्स में काम के भार से हल्का महसूस करते हैं और एक प्रकार से जीवन में संतुष्टि महसूस करते है।

नए वातावरण का अनुभव

यह सच है कि हम जब हम ब्रेक के बाद तारो-ताज़ा होकर वापस अपनी काम-क़ाज़ी दुनिया में कदम रखते हैं, तो किसी न किसी बदलाव की अनुभूति अवश्य होती है। हमे नए वातावरण का अनुभव होता है और फिर से कुछ निर्णयों के बाद हम अपनी जीवन की गति को हासिल करते हैं।

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