जितनी रफ़्तार से हमारी ज़िंदगियाँ चल रहीं हैं, उतनी ही रफ़्तार से डिजिटलाइज़ेशन भी होती जा रही है। हालांकि डिजिटलाइज़ेशन में बुराई नहीं है, आखिरकार इससे काम जल्दी भी होगा और ज़्यादा ऐक्युरट भी होता है। लेकिन, पूरे दिन फेसबुक से इंस्टाग्राम, इंस्टाग्राम से व्हाट्सप्प, व्हाट्सप्प से ट्विटर, ट्विटर से टिंडर जाते हुए आप थकते नहीं?

हाँ हाँ, मानते हैं यह चीज़ें एक ऐसा एडिक्शन हैं जो एक बार लग जाए तो उसे छुड़ाना मुश्किल होता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। कहते हैं किसी चीज़ को छोड़ने का सबसे अच्छा तरीका है कि उसके बारे में नेगिटिव बातें जानीं जाएँ। और जैसा की आप जानते हैं की हम हमेशा आपका अच्छा ही चाहते हैं, हम हाज़िर हैं आपके लिए ऐसे कारण लिए जिनकी वजह से आपको कुछ-कुछ समय में डिजिटल डेटॉक्स करना चाहिए:

1. सेहत बेहतर होती है

फ़ोन, लैपटॉप, कम्प्यूटर आदि का ज़्यादा इस्तेमाल करने से आँखों पर स्ट्रेन पड़ता है, जिससे आँखें कमज़ोर हो सकती हैं। अगर आप महीने में एक बार डिजिटल डेटॉक्स करते हैं, तो आपकी आँखों को थोड़ा आराम मिलेगा।

2. कंसंट्रेशन बढ़ती है

यह तो आप भी मानते होंगे ना की जब आपका फ़ोन आपके पास ना हो, तब आप अपनी पढ़ाई पर या जॉब पर ज़्यादा ध्यान दे पाते हैं? हमें फ़ोन चेक करते रहने की इतनी आदत है की उसकी एक नोटिफिकेशन इतनी ताकतवर है कि हमारा सारा ध्यान, छू मंतर हो जाता है। ऐसे में, डिजिटल डेटॉक्स करने से अपने गोल्स पर आप वापस अपना ध्यान काबू में ला पाएंगे।

3. मूड फ्रेश होता है

पूरे दिन एक ही चीज़ खा कर बोर हो जाते हैं ना? यही प्रिंसिपल सोशल मीडिया पर भी अप्लाई होता है। थोड़ा ब्रेक लेकर देखिये, आप फ्रेश फील करेंगे।

4. आप फिर अपनी होब्बीस की ओर रुख करते हैं

ज़िंदगी की भागदौड़ की वजह से, जिन होब्बियों को आप नकार दिया करते थे, डिजिटल डेटॉक्स की वजह से आपको मौका मिलता है एक बार फिर उन होब्बियों को जीने का।

5. आप अपनी ज़िंदगी के बारे में बेहतर महसूस करते हैं

सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए, हम देखते हैं की और लोगों की ज़िंदगियों में क्या चल रहा है। यह चीज़ें देखकर हमें लगता है की बाकी सब खुश हैं और सिर्फ हमारे ही साथ बुरा हो रहा है, जो की सच नहीं है। इसलिए, डिजिटल डेटॉक्स के चलते आप खुद के बारे में बेहतर महसूस करेंगे।

डिजिटल डेटॉक्स – करके देखिये, अच्छा लगता है!

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