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Anxiety Attacks: जानिए एंग्जायटी अटैक के 5 साइंस

Published by
Ritika Aastha

एंग्जायटी एक फीलिंग है जो लोग तब महसूस करते हैं जब वो या तो किसी बात से डरे हुए रहते हैं या फिर उन्हें किसी वजह से घबराहट महसूस होती है। ये हमारी माइंड और बॉडी का ऐसे प्रेशर के समय में बने रिएक्शन को बयां करता है। इसलिए जब किसी को एंग्जायटी अटैक आता है तो उसका सबसे बड़ा ट्रिगर किसी तनावपूर्ण सिचुएशन, इवेंट या एक्सपीरियंस की प्रत्याशा ही होती है। ऐसे में आपको अपने बॉडी में कई तरह के चैंजेस भी फील हो सकते हैं। एंग्जायटी अटैक के साइंस को कई बार पहचानने में लोगों को समस्या होती है और इसलिए वो जल्दी इससे बच नहीं पाते हैं। जानिए एंग्जायटी अटैक के 5 साइंस:

1. इमोशंस से ओवरव्हेलम हो जाना

जिन लोगों को एंग्जायटी अटैक आता है उनको इमोशंस से ओवरव्हेलम होने की फीलिंग कई बार हो सकती है। ऐसे में किसी व्यक्ति का अपने एलिमेंट से बाहर रहना स्वाभाविक है। ये भी हो सकता है की आप लगातार परेहां रह रहे हैं और अपने ही ब्रेन के साथ आपकी कनफ्लिक्ट चल रही है जिस कारण आप खुद को आउट ऑफ़ कण्ट्रोल फील कर सकते हैं। अगर ऐसा कुछ लगे तो मतलब आपको एंग्जायटी अटैक आ रहा है।

2. सांस लेने में तकलीफ होना

सांस लेने में तकलीफ किसी के लिए भी भयावह हो सकता है। एंग्जायटी अटैक का तो ये तो सबसे कॉमन कारण है। एंग्जायटी अटैक के दौरान हो सकता है की आपको अपनी सांस पकड़ में ना आए, सफोकेशन हो या फिर सांस लेने में तकलीफ होना। इसलिए अगर किसी तनावपूर्ण सिचुएशन में आपको ऐसा महसूस हो जाए तो समझ जाएं की आपको एंग्जायटी अटैक आ रहा है।

3. दिल की धड़कन बढ़ जाना

अगर आपकी दिल की धड़कने तीव्र गति से बढ़ने लगे तो समझ जाएं की ये एंग्जायटी अटैक हो सकता है। एंग्जायटी की फीलिंग में आपको ऐसा लग सकता है की आपकी दिल की धड़कने बढ़ गई है या फिर आपके दिल ने एक बीट स्किप कर लिया है। इसलिए अपने दिमाग को शांत रखने की कोशिश करें।

4. ज़रूरत से ज़्यादा पसीना आना

जब आप पैनिक के स्टेट में रहते हैं तो आपको ज़रूरत से ज़्यादा पसीना या फिर ज़रूरत से ज़्यादा ठंडा महसूस हो सकता है। इसलिए ऐसे सिचुएशन को अवॉयड करने की पूरी कोशिश करें वरना आपकी तबियत और बिगड़ सकती है। अगर आपको कभी ज़रूरत से ज़्यादा पसीना आए तो अपना मन शांत करने का प्रयास करें।

5. किसी काम में कंसन्ट्रेट कर पाना

जब आपको एंग्जायटी अटैक आता है तो आपका किसी काम में मन नहीं लग सकता है और आपका कंसंट्रेशन काफी वीक हो सकता है। अगर आप कई बार कन्फ्यूज्ड स्टेट ऑफ़ माइंड में रहते है तो हो सकता है की आप स्लो एंग्जायटी सफर कर रहे हों। अगर अपने कंसंट्रेशन में कमी लगे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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