ब्लॉग

Women’s Health: जानिए सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीसेस के ये 5 सिम्पटम्स

Published by
Ritika Aastha

सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीसेस ऐसी बीमारियां है जो सेक्सुअली कांटेक्ट के वजह से होते हैं। जो माइक्रो ऑर्गनिज़्म्स इन डिसीसेस के कारक होते हैं वो एक बॉडी से दूसरी बॉडी में ब्लड, सीमेन, वजाइनल फ्लूइड या फिर किसी और बोडिली फ्लूइड के थ्रू एंटर कर जाते हैं। सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीसेस सिम्पटम्स हमें जल्दी फील नहीं होते हैं इसलिए इनका अर्ली डिटेक्शन मुश्किल हो जाता है। जब ये डिसीसेस लेट डिटेक्ट होते हैं तो इनका इलाज भी ज़्यादा अच्छे तरीके से संभव नहीं हो पाता है। जानिए 5 सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीसेस के सिम्पटम्स को:

1. एब्नार्मल वजाइनल डिस्चार्ज

आपके पूरे साइकिल में आपके वजाइनल डिस्चार्ज का लुक और कंसिस्टेंसी चेंज होते रहता है। साइकिल के एब्सेंस में भी आपके वजाइनल डिस्चार्ज का कलर चेंज होते रहता है। अगर आपका वजाइनल डिस्चार्ज येलो कलर का हो तो इसका मतलब है की आपको यीस्ट इन्फेक्शन हो सकता है। अगर आपका डिस्चार्ज ग्रीन या येलो कलर का हो तो हो सकता है की आपको गोनोर्र्हिया है या फिर ट्रिचोमोनियसिस।

2. सेक्स के दौरान पेन

अगर आपको सेक्स के दौरान आपके एब्डोमिनल या पेल्विक एरिया में पेन होता है तो फिर इसका मतलब है की आपको पेल्विक इन्फ्लैमटॉरी डिजीज हो सकता है। ये आम तौर पर गोनोर्र्हियया या क्लामीडिया का एडवांस्ड स्टेज हो सकता है। इसलिए पेल्विक पेन को बिलकुल इग्नोर ना करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

3. वजाइनल एरिया में इचिंग

इचिंग एक नॉन-स्पेसिफिक सिम्प्टम है जिसका रिलेशन सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से हो भी सकता है या नहीं भी। सेक्स के कारण वजाइना में इचिंग के कुछ प्रमुख कारण हैं लेटेक्स कॉन्डोम के साथ एलर्जिक रिएक्शन, प्यूबिक लाइस, यीस्ट इन्फेक्शन और जेनिटल वार्ट्स। इसलिए अगर आपको वजाइना में इचिंग हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

4. रैशेस और पिम्पल्स

अगर आपको आपके वजाइना के ओपनिंग के आस पास रैशेस या पिम्पल्स हो रहे हैं तो फिर काफी ज़्यादा चान्सेस हैं की आपको हर्पीज़ या सिफिलिस है। ह्यूमन पेपिलोमा वायरस का भी सिम्प्टम है रशेस। इसलिए अपने वजाइना को ऑब्ज़र्व करते रहें और ऐसा कुछ लगे तो तुरंत अपना मेडिकल चेक अप करवाएं।

5. यूरिनेशन में पेन

एक सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज को परखने का सबसे इम्पोर्टेन्ट मेथड है अपने यूरिनेशन पैटर्न को देखना। अगर आपको यूरिनेशन के दौरान पेन या बर्निंग सेंसेशन फील हो तो ये आपके लिए खतरे के निशान हो सकते हैं। इस बाद को भी देखें की कहीं आपके यूरिनेशन की फ्रीक्वेंसी तो नहीं बढ़ गई है और कहीं आपके यूरीन में ब्लड तो नहीं आ रहा है। ऐसा कुछ भी तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।

Recent Posts

Food To Avoid During Periods: पीरियड्स में कौनसी चीजें नहीं खानी चाहिए?

Food To Avoid During Periods: मेंस्ट्रुएशन एक और दर्दनाक चीज़ है, मेंस्ट्रुएशन के दौरान, वे…

11 hours ago

महिलाओं के ऊपर घरेलू हिंसा को कैसे रोका जा सक्त है?

How To Stop Domestic Violence? कभी-कभी आप सोचते हैं कि क्या आप दुर्व्यवहार की कल्पना…

11 hours ago

Food Rich In Vitamin E: विटामिन ई की कमी पूरी करने के लिए क्या खाना चाहिए?

Food Rich In Vitamin E: क्या आप विटामिन ई के महत्व, फंक्शनिंग और सबसे सही…

12 hours ago

Oiling Before Bath: नहाने से पहले शरीर पर तेल लगाने के फायदे

सिर्फ पौष्टिक आहार कहने से ही उनकी त्वचा बाहर और अंदर दोनो से सेहतमंद और…

14 hours ago

Back Pain Home Remedies: पीठ दर्द ठीक करने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

पीठ में सबसे ज्यादा तकलीफ होती है क्योंंकि शरीर का निचला हिस्सा हमारे शरीर का…

14 hours ago

Fab India Diwali Collection Ad Removed: क्या कास्ट, रिलिजन और रीती रिवाज के ऊपर एड ब्रांड्स जान पूंछकर बनाते हैं?

इंडिया में ब्रांड्स इस तरीके के सेंसिटिव मुद्दों पर एड बनाकर लोगों की भावनाओं के…

14 hours ago

This website uses cookies.