कर्नाटक की पहली महिला IPS अधिकारी डी रूपा मौदगिल ( d roopa ips) को कर्नाटक सरकार के होम सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। डी रूपा 2000 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, जो फिलहाल मेंइंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (IGP), रेलवे, बेंगलुरु के पद पर हैं। वह जल्द ही राज्य में होम सेक्रेटरी के रूप में 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी उमेश कुमार की जगह लेंगी। तो आइये जानते है इनके बारे में कुछ और बातें.

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कर्नाटक के दावणगेरे में जन्मी , इनके माता-पिता दोनों सरकारी कर्मचारी थे । जब वह कक्षा तीन में थी, तो उसकी शिक्षिका ने छात्रों से पूछा कि वे बड़े होने पर क्या बनना चाहते हैं। छोटी रूपा ने घर आकर अपने माता-पिता से सलाह ली। उनकी माँ ने ’डॉक्टर’ का सुझाव दिया था – लेकिन वो इन्हे ज़्यादा अपीलिंग नहीं लगा – उसके पिता ने उसे सिविल सेवाओं के बारे में बताया। यह उन्हें अच्छा लग रहा था, इसलिए अगले दिन रूपा ने अपने अपनी टीचर को बताया की वह एक आईएएस या आईपीएस अधिकारी बनना चाहती है। आठ वर्षीय लड़की की देशभक्ति और स्पष्टता से प्रभावित होकर, शिक्षक ने अन्य छात्रों से रूपा की सराहना करने के लिए कहा।

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  • डी रूपा मौदगिल (d roopa ips) ने वर्ष 2000 में UPSC में आल इंडिया रैंक 43 प्राप्त की और IPS के लिए चुनी गयी।
  • “जब हम IPS ट्रेनिंग के लिए राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में शामिल हुए, तो हमें बताया गया कि हम पहले अधिकारी हैं और फिर महिलाएँ,” रूपा ने SheThePeople को बताया ।
  • जुलाई 2017 में डीआईजी जेल के रूप में, उन्होंने बेंगलुरु जेल में भ्रष्टाचार और AIADMK नेता शशिकला को बेंगलुरु जेल में दिए गए विशेष ट्रीटमेंट का खुलासा किया।
  • वह प्रतिष्ठित “राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर मेरिटोरियस सर्विस” की प्राप्तकर्ता भी हैं।
  • उन्होंने 2018 में टेडएक्स भाषण भी दिया था । उनका टेडएक्स भाषण “व्हाई ब्यूरोक्रेट्स हेजिटेट टू एक्ट” टेडएक्स यू-ट्यूब चैनल पर 1.3 मिलियन बार और फेसबुक पर अब तक 8 मिलियन बार देखा जा चूका है।
  • रूपा अपने किसी भी ट्रांसफर से हैरान नहीं होती हैं, वो हर ट्रांसफर के लिए हमेशा तैयार रहती हैं।
  • “यदि आप इतिहास बनाना चाहते हैं, तो आप उन ‘गुड गर्ल ‘ की तरह मत बनिये। लड़कियों को बताया गया है कि शर्मीली  और झुककर काम करना फेमिनिन है। अपने लिए बोलो! महिलाओं को बताया जाता है की उन्हें धरती की तरह बताया गया है बनना होगा, जिन्हें सब कुछ सहन करना चाहिए और उन पर हुए अन्याय के खिलाफ कभी नहीं बोलना चाहिए। इसे बदलना होगा, ”रूपा ने हरस्टोरी वीमेन’स के मिशन समिट 2019 में बात करते हुए कहा।
  • “हमें खुद को इम्पोर्टेंस देनी होगी और खुद को हमेशा पीछे रखना बंद करना होगा। हम किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं, और जो भी इसका अपोजिट बताता है, हमें उससे सुन्ना भी छोड़ना होगा ।
  • बीए में उन्होंने प्रथम रैंक के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने बेंगलुरु विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में एमए पूरा किया और तीसरी रैंक हासिल की।
  • उन्होंने 2002 में उडुपी से सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया।
  • रूपा d roopa ips ने (तत्कालीन) बिदर के DCP, मौनेश मौदगिल से 2003 में शादी कर ली। इनके दो बच्चे हैं- ग्यारह वर्षीय अनघा और आठ वर्षीय रोशिल। ।

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