कई लोग अपने मन से बहुत सी धारणाएं बना लेते हैं। जिन पर हम सभी आंख बंद कर विश्वास भी कर लेते हैं। वही आपने भी अपने घर में अपने स्वास्थ्य से लेकर कई मिथ्स सुने होंगे या इंटरनेट में पढ़ा होगा। लेकिन क्या आपको यकीन है कि दी गई जानकारी सही हैं? इसीलिए मिथकों ऊपर विश्वास करने से पहले उसकी पूरी जानकारी लेनी जरूरी है। आज हम ऐसे ही कुछ हेल्थ मिथ्स से जुड़ी सच्चाई बताएंगे।

1. ज्यादा मीठा खाने से डायबिटीज हो सकती है

सच्चाई – ज्यादा मीठा खाने से सिर्फ वजन पर असर होता है, लेकिन वजन बढ़ने के कारण टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम हो सकता है। हालांकि मीठा खाने और डायबिटीज में सीधे तौर पर कोई लिंक नहीं है। वही टाइप वन डायबिटीज मीठे खाने का कारण नहीं बल्की पैंक्रियास द्वारा पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन ना बना पाने के कारण होता है। मीठा कम खाएं क्योंकि वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है।

2. स्वस्थ रहने के लिए रोज 8-10 गिलास पानी जरूरी है

सच्चाई – आप ने डॉक्टर या घर में बड़ों के मुंह से यह हेल्थ मिथ्स सुना होगा कि 8-10 गिलास पानी रोज पीना चाहिए। लेकिन सभी का शरीर अलग-अलग होती है और उसके अनुसार बॉडी की जरूरत भी अलग-अलग होती है। किसी के लिए पांच गिलास तो किसी के लिए 8 गिलास पर्याप्त होता हैं। वही ज्यादा पानी पीने के कारण शरीर के फ्लूइड हो जाते हैं, और जो सोडियम को भी कम कर सकते हैं। जिसके कारण जान का ख़तरा तक हो सकता है।

3. फैटी फूड खाने से मोटापा बढ़ता है

हमारे शरीर के लिए फैट्स भी बेहद जरूरी है और मोटापा सिर्फ फैट्स फुट से नहीं बढ़ता है बल्कि बॉडी में एनर्जी के असंतुलित होने से भी बढ़ता है। दरअसल जब आप अधिक कैलोरीज लेते हैं और उसे खर्च कम करते हैं, तब मोटापा बढ़ता है। इसीलिए पतले होने के लिए फैट्स को अपने आहार से पूरी तरह ना हटा दें, फैट्स कैलोरीज का एकमात्र स्रोत होता है। इसीलिए कैलोरिज लेने के साथ उसे खर्च भी करें।

4. खाना स्कीप करने से वजन कम होता है

खाना स्कीप करने से वजन कम नहीं होता बल्कि कई बार बढ़ भी जाता है। खाना स्कीप करने से कई हेल्थ प्रॉब्लम जैसी समस्याएं हो जाती हैं। जैसे कि गैस, जो कि शरीर में हवा भर देती है जिसके कारण वजन बढ़ जाता है। साथ ही आपका मेटाबॉलिक सिस्टम भी धीमा पड़ जाता है।

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