आप सभी को रोजाना कुछ postures की प्रैक्टिस करनी चाहिए , जो की आपके शरीर के कुछ specific areas को स्ट्रांग बनाते है और इसी कारण आप अपनी moon cycle के दौरान pain को आसानी से मैनेज कर पातें हैं । इसके साथ साथ हम आपको कुछ ऐसे postures और excercises के बारे में भी बातएंगें , जिन्हे आप पीरियड्स के दौरान भी कर सकतें है और जिनसे आपका स्ट्रेस और टेंशन भी कम होता हैं ।

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अर्ध कपोतासन 

आप अच्छे से अपनी hips और groin को स्ट्रेच करें । ऐसा करने से आपके एब्डोमिनल और रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की मालिश होती हैं । इससे आपको आपके शरीर के स्ट्रेस को मैनेज करने में मदद मिलती है और आप comfortable और relaxed महसूस करते हैं ।इससे आपके हिप्स और thighs के साथ साथ दिमाग पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है ।

याद रखें :

  • अगर आपको कोई severe hip और knee injury है तो आप इस आसन को बिलकुल भी न करें ।
  • अगर आप पहली बार इस आसन को कर रहे हैं , तो cushion का प्रयोग जरूर करें ।
  • ये आसन करते समय आप सभी को हमेशा अपनी हिप्स को सेंटर में रखना चाहिए और side tilting को नजरअंदाज करते हुए , आप धीरे धीरे head को मूव करते हुए अपने घुटने को bent करें । इन स्टेप्स को फॉलो करते हुए , आप सभी genital area को और स्ट्रेच करें।

धनुरासन 

इससे ब्लड फ्लो बढ़ता है और muscles स्ट्रांग बनते हैं और एब्डोमेन , पेल्विस की ब्लड सप्लाई में सुधार आता है और इससे आपके बॉडी ऑर्गन्स भी स्वस्थ्य रहते हैं । ये आपकी back muscles को पॉवरफुल बनाता है और ये आपकी चेस्ट को congestion  से रिलीज़ कर देता है ।

याद रखें :

  • अगर आपको cushion और padding की जरूरत हो , तो आप abdomen pelvis के लिए ब्लैंकेट का इस्तेमाल भी कर सकतें हैं।
  • intense back bend को बैलेंस करने के तुरंत बाद child pose करें ।
  • सीवियर बैक इश्यूज , neck injuries और ब्लड प्रेशर के केस में , आप सभी को इस आसान को नहीं करना चाहिए ।

मत्स्यासन(fish pose) 

ये आसन lung capacity में सुधार करता है और चेस्ट कैविटी से भी आप सभी को राहत देता है । ये आसन हमें promoting deeper ,fuller breathing और रिलैक्सेशन की क्वालिटी को भी बढ़ाता है । ये आसन एब्डोमिनल मसल्स पर pelvic region के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता हैं ।

याद रखें :

  • steady fish pose के लिए , आप डायरेक्ट वेट elbow और upper arms पर डालें ।
  • आपको आसन के समय , आपकी back में cushion रखना चाहिए और इस आसन के साथ साथ एक restorative syle pose भी करना चाहिए ।
  • इस पोस्चर से बाहर आने के लिए , दुबारा लेटने से पहले अपना हेड लिफ्ट करें और chest को ऊपर की तरफ करें ताकि आप Neck compression से बच सकें ।
  • ब्लड प्रेशर , migraine ,Neck और lower back injuries के केस में , आप इस पोस्चर को प्रैक्टिस करने से पहले , डॉक्टर से सलाह लें ।

उत्तानासन (standing forward fold) 

इस पोस्चर में आप स्पाइन को lengthen और decompress करतें हैं और इससे आपका पूरा nervous system मजबूत होता है ।इसमें आपकी hamstrings और calf muscles स्ट्रेच होती हैं और आपकी lower back को स्ट्रेंथ मिलती है ।

याद रखें :

  • अगर आपकी fingers और palms फ्लोर तक नहीं पहुँचती हैं , तो आपको किसी ब्लॉक या बुक का इस्तेमाल करना चाहिए , तांकि आपको सपोर्ट मिले । अगर पॉसिबल हो , तो आप सभी को अपनी knees को सीधा रखना चाहिए और अगर आप ये नहीं कर पातें हैं तो आप उनमें microbend रख कर पोस्चर की प्रैक्टिस कर सकतें हैं ।
  • सावधानी से आप आपके Neck और shoulders को रिलैक्स करें । आप सभी को mat या ब्लॉक (block)का इस्तेमाल करना चाहिए तांकि pose के वक्त ग्राउंड करने में आपको कोई दिक्कत न आएं।
  • इस पोस्चर से बाहर आने के लिए , आपको धीरे धीरे अपनी आर्म्स को कानों के पास से स्ट्रेच करते हुए वापिस अपने स्टैंडिंग pose में आना हैं । वापिस स्टैंडिंग पोजीशन में आते वक्त , आप अपनी knees को थोड़ा सा बेंड(bend) कर सकतें हैं ,तांकि आप हाइपर-एक्सटेंडिंग के रिस्क से बच सकें ।

बद्धकोणासन 

ये आसन हिप्स और pelvic floor region में ब्लड और एनर्जी के फ्लो को बढ़ाता है । ये इस एरिया में मसल्स और ऑर्गन्स को स्ट्रांग बनाता है और हिप्स और ग्रोइन से होने वाली टेंशन और tightness को रिलीज़ करता है ।

  • याद रखें :
    supine butterfly एक बहुत ही अच्छा वेरिएशन है , जिसे आप अपनी प्रैक्टिस में शामिल कर सकतें हैं ।
  • आप इस चीज़ का ख़ास ख्याल रखें की आपकी स्पाइन को आप सीधा रखें और कोशिश करें की आपकी स्पाइन राउंड पोजीशन में न आएं ।
  • आप हिप्स और ग्रोइन pose करतें समय ,नार्मल और जेंटल “flapping of the legs ” करें और आप सभी को बहुत ही आराम से इस पोस्चर को करना चाहिए , तांकि आपको कोई जर्क न लगें ।

जणू शीर्षासन 

ये आसन “parasympathetic nervous system ” को activate करता है और आपके दिमाग को शांत भी करता है । ये स्पाइन को decompress और hamstrings को स्ट्रेच करता है ।ये digestive organs को भी activate करता है और आपको menstrual discomfort से राहत देता है , जिससे आप टेंशन और तनाव से दूर रहते है ।

याद रखें :

  • इस आसन में आपको अपनी lower back और chest को thigh की और लाते हुए स्ट्रेच करना है और इस बात का आप सभी खास ख्याल रखना चाहिए की आपकी स्पाइन पर ज्यादा दबाव न आएं ।
  • अगर आप अपनी ankle और toes तक नहीं पहुँच पातें , तो आपको “STRAP ” का इस्तेमाल करना चाहिए ।
  • अगर आपको अस्थमा और diarrhoea है तो आपको इस आसन को बिलकुल भी नहीं करना चाहिए । अगर आपको knee injury है , तो आप एक soft blanket का इस्तेमाल करते हुए , इस पोस्चर को प्रैक्टिस कर सकतें है और ब्लैंकेट की मदद से , आपकी knee कोई कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।

ये योगासन भी कर सकते हैं आप

  1. बालसाना
  2. बढ़ा कोणासना
  3. शवासन
  4. सिंपल प्राणायाम
  5. साइलेंट मेडिडेशन

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