महिलाओ को पीरियड्स होना, यह आम बात है। मगर इन दिनों महिलाओ को थकान, पेट दर्द, कमर दर्द, जैसी कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। सामान्य तौर पर, हर महिला को पीरियड्स से कुछ दिनों पहले से या पीरियड्स के शुरुवाती दिनों मे पेट दर्द की शिकायत रहती ही है। मगर कुछ को यह दर्द असहनीय होता है, जिसे मेडिकल भाषा में dysmenorrhoea कहा जाता है। ऐसी महिलाओ के लिए जरूरी है की वो अपनी gynecologist से समपर्क करें और अपने इस असहनीय दर्द का कारण जानें।

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पीरियड्स में पेट दर्द के कारण

  • पीरियड्स के दौरान, जब गर्भाशय में तैयार ब्लड व टिशू की परत नष्ट होती है, तो गर्भाशय की मांसपेशियों सिकुड़ जाती है, जिसके कारण महिलाओ को पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द व ऐठन महसूस होती है। कुछ महिलाओ को इसी कारण सिर दर्द व उल्टी की भी शिकायत हो जाती है।
  • कई बार पीरियड्स का रेगुलर न होना भी दर्द का कारण बन जाता है।
  • पीरियड्स में पेट दर्द की समस्या, शरीर में आयरन और कैल्शियम जैसे पौषक तत्वों की कमी के कारण भी होती है।
  • कई महिलाओ को पीरियड्स के दौरान ‘हेवी ब्लीडिंग’ होती है, जो भी एक कारण है, पीरियड्स के दौरान पेट दर्द का।

पेट दर्द से कैसे आराम पाएँ ?

  • इन दिनों शरीर में कमज़ोरी आ जाती है, इसीलिए खुद में पौषक तत्वों की कमी न होने दे। कुछ दिनों फास्ट फूड ना खाएँ, ताज़ा और हेल्थी खाना ही खाएँ।
  • पीरियड्स के दौरान गर्म चीज़ों का सेवन ज्यादा करें।
  • गर्म पानी से नहाए। इससे आपके पूरे शरीर की सिकाई भी हो जाएगी।
  • ‘हॉट वाटर बैग’ अपने पास हमेशा तैयार रखें। जरूरत पड़ने पर, कमर या पेट के निचले हिस्से पर लगाएँ।
  • हल्की एक्सरसाइज या स्ट्रैचिंग को अपने उन दिनों का हिस्सा जरूर बनाएँ।
  • पानी खूब पीएँ, शरीर में पानी की बिल्कुल कमी न होने दे। गर्म पानी में तुलसी के पत्ते उबाले, और फिर पीएँ। तुलसी एक नेचुरल पेन किलर की तरह काम करता है।
  • गर्म दूध का सेवन जरूर करें।
  • गुनगुने जैतून और नारियल तेल से पैरों के तलवे और कमर की हल्के हाथों से मालिश करें।
  • हमारी ‘मेंटल हेल्थ’ का बहुत प्रभाव पड़ता है हमारे शरीर पर, इसीलिए किसी भी प्रकार के ‘stress’ से बचें। जितना हो सके positive और मस्त रहे।

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