क्या है पीटीएसटी? जाने इसके लक्षण

पीटीएसडी यानी पोस्ट ट्रॉमेटिक डिसऑर्डर एक मानसिक स्थिति है जब कोई किसी तरह की ट्रॉमेटिक या भयंकर घटना से गुज़रा हो और बाद में वहीं घटना व्यक्ति को कई रूप से परेशान कर रही होI जरूरी नहीं कि सब में पीटीएसटी के लक्षण एक जैसे हो- (image credit- National Alliance On Mental Illness)

फ्लैशबैक

पीटीएसडी से पीड़ित व्यक्तियों को दर्दनाक घटना के परेशान करने वाले फ्लैशबैक का अनुभव हो सकता है, जहां ऐसा महसूस होता है कि वे अनुभव को फिर से जी रहे है। ये फ्लैशबैक व्यक्ति के दर्द को कूड़ेदकर उन्हें अंदर से आघात पहुंचा सकती हैI (image credit- LinkedIn)

ट्रिगर से खुद को बचाना

पीटीएसडी से पीड़ित लोग अक्सर खुद को उस घटना की याद से बचाने के चक्कर में व्यक्ति ऐसे कई जगह, कई लोगों और किसी भी तरह की बातचीत से खुद को दूर रखते हैI ऐसे में बाहर जाकर उन्हें घुलने मिलने में समस्या हो सकती हैI (image credit- Little Things)

हद से ज्यादा उत्तेजित हो जाना

व्यक्ति के ट्रॉमा से जुड़ी कोई भी चीज उन्हें ज्यादा उत्तेजित कर सकते हैI पीटीएसडी से पीड़ित लोगों में चिड़चिड़ापन, अत्यधिक टेंपर, सोने में मुश्किल, हाइपरविजिलेंस और छोटी सी बात पर बहुत हद तक चौका देने वाली उनकी रिएक्शन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते है। (image credit- iStock)

बुरा सपना देखना

उस भयंकर घटना से संबंधित बार-बार और ज्यादातर दुःस्वप्न व्यक्ति को आ सकते है और उनके नींद की पैटर्न को खराब कर सकते हैI ऐसे में व्यक्ति ध्यान देने वाली बेचैनी से जूझता है और मानो उस ट्रॉमा को फिर से जीता हैI (image credit- PsyPost)

इमोशनली खाली महसूस करना

पीटीएसडी से पीड़ित लोग भावनात्मक रूप से सुन्न या अपने वातावरण से खुद को अलग महसूस कर सकते है। अपने अंदर पनप रहे इस खालीपन से पॉजिटिव विचारों से और भावनाओं का अनुभव करने की क्षमता कम हो सकती है और दूसरों से खुद को अलग महसूस करने की भावना पैदा होती हैI (image credit- Freepik)

नेगेटिव मूड

पीटीएसडी वाले व्यक्ति अक्सर गिल्ट, शर्म या भय जैसी नकारात्मक भावनाओं से लगातार जूझते रहते है। उनके मन में अपने बारे में या दुनिया के बारे में नेगेटिव विचारधारा भी हो सकते है और वे इस दर्द के लिए खुद को दोषी ठहराते है, भले ही यह उनकी गलती न हो।(image credit- Vecteezy)