इनसोमनिया एक प्रकार की मेडिकल डिसआर्डर है जिसमें आपको नींद नहीं आती है। ये कंडीशन एक्यूट (शॉर्ट टर्म) या क्रोनिक (लॉन्ग टर्म) दोनों प्रकार का हो सकता है। इस महामारी के कारण जहाँ लोगों में स्ट्रेस बढ़ा है वहीँ उन्हें नींद भी जल्दी नहीं आ रही है। इस नींद नहीं आने की प्रवृति को अब डॉक्टर्स ने एक नया नाम दिया है-कोरोनासोमनिया। इस बीमारी का मतलब है स्पेसिफिकली कोरोना के कारण नींद ना आना। जानिए कोरोनासोमनिया के ये 5 बातें:

1. क्या है कोरोनासोमनिया के कारण?

कोरोनासोमनिया के बहुत सारे कारण हो सकते हैं। इन कारणों में सबसे प्रमुख है स्ट्रेस। इस पान्डेमिक ने हमारे स्ट्रेस लेवल को कई गुना बढ़ा दिया है। इस कारण हमें रातों को नींद आने में परेशानी होती है। डेली रूटीन में बदलाव के वज़ह से भी लोगों को नींद आने में तकलीफ हो रही है। इन सब के बीच में फाइनेंसियल स्ट्रेस के कारण लोगों की हालत पहले से ही ख़राब है। इन सब के कारण लोगों को नींद में आने में बहुत दिक्कत हो रही है।

2. कोरोना के कारण भी हो सकता है कोरोनासोमनिया

डॉक्टर्स बताते हैं कि कोरोना के लक्षण जैसे कि सांस फूलना, शरीर में दर्द, एंग्जायटी, फीवर और लैक ऑफ़ टेस्ट ख़ुद भी किसी इंसान को रात भर जागने के लिए मजबूर कर सकते हैं। पूरी नींद ना लेने पर लोगों के इम्युनिटी लेवल में भी घटाव होता है जिससे उनके जल्दी रिकवरी के चान्सेस भी कम हो जाते हैं।

3. सेल्फ आइसोलेशन बढ़ा रहा है कोरोनासोमनिया

इस महामारी में वैसे ही लोगों के स्ट्रेस लेवल में बहुत इज़ाफ़ा हुआ है। ऐसे में जिनकों अपने घर वालों से दूर रह कर ख़ुद को सेल्फ आईसोलेट कारण पड़ा है उनके लिए ख़तरा और भी बढ़ गया है। ऐसे लोगों में कोरोनासोमनिया के केसेस ज़्यादा देखने को मिल रहे हैं।

4. क्यों है कोरोनासोमनिया चिंता का विषय?

कोरोनासोमनिया ना सिर्फ़ थकान और स्लीप डेप्रिवेशन बढ़ा सकता है बल्कि इससे लोगों में हाइपरटेंशन, डायबिटीज और स्ट्रोक का ख़तरा भी बढ़ जाता है। इन सबके साथ जब शरीर में इम्युनिटी भी कम हो जाती है तो स्ट्रेस और एंग्जायटी के साथ-साथ कोरोना का रिस्क भी बढ़ जाता है।

5. इससे बचने के लिए क्या करें?

कोरोनासोमनिया से बचने के लिए ख़ुद को सोशल मीडिया में आ रहें कोरोना के हर नए अपडेट से दूर रखें। रोग्ज़ एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट को फॉलो करने से आप इससे ख़ुद को बचा सकते है। अपने स्क्रीन टाइम को भी थोड़ा कम करने की कोशिश करें और किसी नई हॉबी की भी शुरुवात करें। हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करने से आपके स्लीपिंग पैटर्न में ज़्यादा डिस्टर्बेंस नहीं आएगा और आप कोरोनासोमनिया से बच जायेंगे।

Email us at connect@shethepeople.tv