ब्लॉग

Children’ Privacy: जानिए बच्चों को प्राइवेसी देने के ये 5 कारण

Published by
Ritika Aastha

जैसे-जैसे बच्चे बड़े होने लगते हैं उन्हें अपने आस-पास के लोगों से उमीदें भी बढ़ने लगती है जिस कारण वो चाहते हैं कि अपने यंगर एज से वो ज़्यादा अच्छा काम कर सकें। ऐसे समय में बच्चों के अंदर मच्योरिटी और इंडिपेंडेंस भी बढ़ती है जिस कारण वो लोगों से ये एक्सपेक्ट करते हैं की उन्हें प्राइवेसी दी जाएगी। अक्सर पेरेंट्स को बच्चों की ये प्राइवेसी की डिमांड समझ में नहीं आती है और इसलिए वो इसका पालन नहीं करते हैं। लेकिन थोड़ी सी प्राइवेसी और थोड़ा सा स्पेस आपके बच्चों के डेवलपमेंट में बहुत बड़ा हेल्प कर सकता है। जानिए बच्चों को प्राइवेसी देने के ये 5 कारण:

1. प्राइवेसी देने से बढ़ता है ट्रस्ट लेवल

किशोरावस्था में बच्चे प्यूबर्टी के कारण कई तरह के बॉडी चैंजेस से गुज़र रहे होते हैं और इसके कारण वो कई बार ज़रूरत से ज़्यादा इमोशनल भी हो सकते हैं। एक पैरेंट होने के नाते अगर आप उसकी प्राइवेसी को रेस्पेक्ट देंगे और उस हिसाब से ही उसको लाइफ में आगे गाइड करेंगे तो आप दोनों के बीच का ट्रस्ट लेवल ज़रूर बढ़ेगा।

2. ओवर प्रोटेक्टिवनेस होगी ख़त्म

ओवर प्रोटेक्टिवनेस की फीलिंग को अपने बच्चे के टीनएज इयर्स तक आते-आते काबू में करना बहुत ज़रूरी है वरना आप कब अपने बच्चे की लाइफ को कण्ट्रोल करने लगेंगे आपको पता भी नहीं चलेगा। इसलिए जब आप उनकी प्राइवेसी को भंग नहीं करेंगे तो वो अपने लिए खुद डिसिशन लेना सीखेंगे जो आगे उन्हें जीवन में बहुत हेल्प कर सकता है।

3. ऐज गैप होगा कम

जब आप अपने बच्चे की प्राइवेसी को समझते हैं तो ना सिर्फ आप उसको लाइफ में स्पेस दे रहे हैं बल्कि आप उसके पूरे जनरेशन को समझने की भी कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आप दोनों के बीच ऐज गैप भी कम हो सकता है। बच्चे अपनी प्राइवेसी को एन्जॉय करते हुए आपसे हर तरह की बात शेयर कर पाते हैं और इस कारण आप-दोनों अपने थॉट्स भी एक-दूसरे के सामने रखते हैं जो बहुत ज़रूरी है।

4. लीडरशिप क्वालिटीज़ का होगा विकास

जब आप बच्चे को प्राइवेसी देते हैं तो इसका मतलब ही है कि आप उस पर भरोसा करते हैं। ये भरोसा ही बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ाता है और उन्हें निडर बनने की हिम्मत देता है। जो बच्चे आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं उनमें लीडरशिप क्वालिटीज़ भी जल्दी आती है और समाज को लेकर उनकी सोच भी ज़्यादा अक्सेप्टिंग होती है।

5. आपका भरोसा टूटने के चान्सेस कम होते हैं

अगर आप अपने बच्चे की लाइफ को कण्ट्रोल करने की कोशिश ख़त्म नहीं करेंगे तो वो आपसे और भी ज़्यादा बातें छुपाने लगते हैं और ऐसे में आपका भरोसा भी तोड़ सकते हैं। कभी-कभी अगर आपको बहुत ज़रूरी लगे तो आप उनकी प्राइवेसी को इनवेड कर सकते हैं लेकिन उसके पीछे की अपनी वजह को भी अपने बच्चों से ज़रूर एक्सप्लेन करें।

Recent Posts

मध्य प्रदेश में 2 साल की बच्ची के फेफड़े में मिला मेटल स्प्रिंग

मध्य प्रदेश से हैरान कर देने वाली खबर सामने आयी है, जिसमें एक 2 साल…

3 hours ago

Taliban Bans Women In College: तालिबान के द्वारा अप्पोइंट किए गए चांसलर ने महिलाओं को कॉलेज जाने से बैन किया

तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर 15 अगस्त को कब्ज़ा कर लिया था और उसके बाद से…

5 hours ago

Elderly Death Rate Increased 31% : बूढ़े लोगों डेथ रेट 31% बड़ी, कोरोना के मारे हाल हुआ बुरा

लॉकडाउन में लोग घर से बाहर नहीं निकल पाए ऐसे में ऐसा बहुत हुआ है…

5 hours ago

Bad Habits For Your Breasts: 4 ऐसी आदतें जो आपके ब्रेस्ट्स के लिए नुकसानदायक हैं

ब्रेस्ट्स से संबंधित किसी भी प्रकार की बीमारी से बचने के लिए उन का विशेष…

6 hours ago

Things That Are Okay In A Marriage: शादी के लिए किन बातों को नॉर्मल करना चाहिए

हमारे समाज में शादी को लेकर बहुत सारे स्टरियोटाइपेस हैं जिन्हे बचपन से देखते और…

6 hours ago

Women Do Not Have To? लड़कियों को ये 5 चीजें करना जरूरी नहीं है

लड़कियों को बचपन से बताया जाता है कि ये मत करो, ऐसे मत बैठो, हमेशा…

6 hours ago

This website uses cookies.