गिलोय कैसे खाएं – गिलोय एक ऐसी औषधि है जो आयुर्वेद में अधिक रोगों को दूर करने के लिए जानी जाती है। यह इतनी ज्यादा गुणकारी भी होती है कि इसकी तुलना आयुर्वेद में अमृत से भी की गयी है। यह मनुष्य को हर तरह के रोगों से लड़ने की ताकत प्रदान करती है। गलोय की बेल होती है जो किसी भी पेड़ पर चढ़ जाती है। नीम पर चढ़ी हुई बेल सबसे अच्छी मानी जाती है।

इसमें में कॉपर, आयरन, फॉस्फोरस, जिंक और कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। गिलोय के तने में बहुत एंटी ऑक्सीडेंट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी पदार्थ होते हैं।

गिलोय खाएं कैसे ?

आजकल बाज़ार में गिलोय 3 तरीके से उपलब्ध है। गिलोय सत्व , गिलोय का जूस और गिलोय चूर्ण। आप किसी भी तरह से गिलोय ले सकते हैं जो आपको आसानी से मिल जाये।

गिलोय के फायदे ?

1 ) इम्युनिटी बढ़ने में मदद –

गिलोय इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करता है। और यह आपको संक्रमक बिमारियों से बचाता है। यह आपके शरीर को बिमारियों से लड़ने के लिए तैयार करता है।

2 ) डायबिटीज में फायदेमंद –

यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। रोज़ सुबह गिलोय जूस पीने से आपके शरीर का शुगर लेवल नियंत्रित रखती है और इन्सुलिन रेसिस्टेन्स को भी काम करती है।

3 ) सर्दी खांसी में –

अगर आपको बहुत दिन से खांसी है और वह ठीक नहीं हो रही तो गिलोय का सेवन करें। यह बहुत फायदेमंद होता है क्यूंकि इसमें एंटी एलर्जिक प्रॉपर्टीज होती हैं। तो इससे जल्दी आपकी सर्दी खांसी ठीक हो जाती है।

4 ) त्वचा को भी फायदा –

लगातार गिलोय का सेवन करने से चेहरा भी साफ़ होता है। चेहरे के दाग धब्बे सभी दूर होते हैं। कील मुंहासो को भी ठीक करता है अंदर से।

5 ) बुखार में सहायक –

गिलोय में ऐसे गुण होते हैं जो आपको बुखार से लड़ने में मदद करते हैं। इसलिए डेंगू , मलेरिया जैसे बुखार में भी गिलोय खाया जाता है। बुखार में गिलोय घनवटी टेबलेट खाएं दिन में २ बार। और बुखार से राहत पाएं।

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