सिंगापुर ओपन टूर्नामेंट कैंसिल होने से साइना के टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की संभावना बुरी तरह प्रभावित हुई है।

इस कैंसलेशन के कारण अन्य भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी भी प्रभावित हुए थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार सिंगापुर ओपन उन लोगों के लिए आखिरी मौका था, जो टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाना चाहते थे। लेकिन पान्डेमिक के कारण सिंगापुर ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के कैंसिल होने की खबर के साथ, बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल के लिए आखिरी उम्मीद लगभग खत्म हो गई है। सिंगापुर ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के 320,000 डॉलर के मूल्य ने भी किदांबी श्रीकांत के ओलंपिक में क्वालीफाई करने की संभावना को समाप्त कर दिया।

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने अपने बयान में कहा, “सभी प्रतिभागियों के लिए एक सुरक्षित टूर्नामेंट का माहौल प्रदान करने के लिए ऑर्गनाइज़र (सिंगापुर बैडमिंटन एसोसिएशन) और BWF द्वारा सभी प्रयास किए गए थे।”

उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल लेवल पर बढ़ते कोविड -19 के मामलों में इनबाउंड ट्रेवल के मैनेजमेंट में मुश्किल चुनौतियां थीं। इसलिए, सभी खिलाड़ियों, टूर्नामेंट कर्मियों और स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य और सुरक्षा के हितों को ध्यान में रखते हुए, सिंगापुर ओपन इवेंट को कैंसिल कर दिया गया है।

साइना नेहवाल और श्रीकांत इंडिया ओपन और मलेशिया ओपन के लिए भी प्रयास कर रहे थे, जो क्रमश: 11-16 मई और मई 30-30 को होने वाले थे। लेकिन ये दोनों बैडमिंटन टूर्नामेंट COVID-19 की वजह से पोस्टपोन हो गए और इन पर एडवर्स इफ़ेक्ट पड़ा। दोनों खिलाड़ी पूर्व नंबर 1 खिलाड़ी थे, लेकिन इवेंट को कैंसिल करने के कारण उन्हें अधिक खेलने का मौका नहीं मिला।

नेहवाल इस बार अपना चौथा ओलंपिक खेलने की उम्मीद कर रहे थे। वह बैडमिंटन के लिए लंदन 2012 में कांस्य के साथ ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। श्रीकांत रियो 2016 में क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। साइना और श्रीकांत को टोक्यो में क्वालीफाई करने की दौड़ में टॉप 16 में पहुंचना था। लेकिन साइना बुधवार को वीमेन सिंगल्स में 22 वें और मेंस सिंगल में श्रीकांत नंबर 20 पर हैं। उनकी आखिरी उम्मीद के रूप में, सिंगापुर ओपन कैंसिल कर दिया गया है, अंक अर्जित करने के लिए कोई टूर्नामेंट नहीं बचा है।

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