क्या आप अपनी रोज़ की नौकरी से परेशान हैं? दूसरी तरफ, क्या आपको बच्चों के साथ समय व्यतीत करना और उन्हें आनंदित गतिविधियों से पढ़ाना पसंद करते हैं ?क्या आप कुछ बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल करने में अपना योगदान देना चाहते हैं?

image

फिर, आप एक ऐसे करियर को अपना सकते हैं जो आपको अपनी रचनात्मकता को साबित करने का मौका दे.  हां, आप एक टूटरप्रेन्योर बन सकते हैं.

पढ़िए: जानिए किस प्रकार यह महिला उद्यमी अपने दिन की शुरुआत करती हैं

टूटरप्रेंयूर्स कौन होते हैं ?

टूटरप्रेन्योर एक ऐसा शब्द है जो उन लोगों के लिए इस्तेमाल होता है जो ट्यूटर बनकर अपने उद्यमशीलता के सपने को अमल में लाते हैं। इससे उन्हें घर पर ट्यूशन के जरिए पैसा कमाने का अवसर मिलता है या ऐसे कई वेबसाइट्स के जरिए जो ऐसे मौके प्रदान करती है।

हमने कुछ टूटरप्रेंयूर्स से उनके अनुभवों के विषयों में बात करी.

50 वर्षीय अनुपामा कथुरिया जो दो बड़े बच्चों की मां हैं, उनका मानना ​​है कि टूटरप्रेंयूर बनकर उन्हें काम में आसानी मिलती है.

“मैं समय और शुल्क का फैसला स्वयं करती हूँ. यह मेरे छात्रों के शैक्षिक पाठ्यक्रम के संपर्क में भी मदद करता है।”, उन्होंने कहा.

वह यह भी मानती है कि यह एक ऐसा मार्ग है जो एक व्यक्ति की आयु को ध्यान में नहीं लेता है, अन्य नौकरियों के विपरीत जहां आप किसी विशेष आयु के बाद रिटायर हो जाते हैं।

दिल्ली में स्थित टीना मखीजा जो 3 से 5 वीं कक्षा के छात्रों को अंग्रेजी सिखाती है, का कहना है कि टूटरप्रेंयूर होने का आनंद कई गुना बढ़ता है जब लोगों को इस विषय का पता लगाने का मौका मिलता है, जिसे वे सबसे अधिक पसंद करते हैं लेकिन अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण ऐसा कर नहीं पाते । “और छोटे बच्चों के साथ अपने विशाल ज्ञान को बांटने और माता-पिता को उनके बच्चे के विकास को आगे बढ़ाने में मदद करना कौन पसंद नहीं करता?”

वह आजकल अपने छात्रों को व्याकरण की बुनियादी अवधारणाओं को सिखाने के लिए प्ले कार्ड का उपयोग करती हैं.

हालांकि सभी विद्यालय शिक्षकों को जिस तरह से वे चाहते हैं, उन्हें सिखाने की इजाजत नहीं देते हैं, लेकिन टूटरप्रेंयूर्स अपने उपकरणों के साथ पढ़ाने की आज़ादी देते हैं.

उदाहरण के लिए, भारत में विदेशियों के लिए हिंदी पाठों की संस्थापक पल्लवी सिंह अपनी क्लासेज को रोमांचक बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करती हैं. “मैंने ऑनलाइन-फ्लैश कार्ड डेटाबेस और अन्य अन्य पॉप-क्विज़,”मैच द फोल्लोविंग”,”शब्द को पहचानिये” जैसी गेम्स को अपने छात्रों को हिंदी में अभ्यास करने में सहायता करने के लिए बनाया है. वह यह अपने खाली समय में कर सकते हैं. ऑन-पेपर और ऑनलाइन सामग्रियों का संतुलन रखना अच्छा है। ”

पढ़िए : मिल्लेंनियल्स बताते हैं कि अपने परिवारों से दूर रहकर उन्होंने क्या क्या सीखा

Email us at connect@shethepeople.tv