न्यूज़

जुड़वाँ बहनों ताशी और नुंग्शी मलिक ने बेयर ग्रिल्स शो में जाकर इतिहास रचा

Published by
Ayushi Jain

एवरेस्ट पर चढ़ने वाली जुड़वाँ बहने ताशी और नुंग्शी मलिक, जिन्होंने पहाड़ों पर चढ़ने और रिकॉर्ड तोड़ने का फैसला किया, इस साल के अंत में फिजी में आयोजित होने वाली दुनिया के सबसे कठिन अभियान चुनौती को स्वीकार करने वाली पहली दक्षिण एशियाई बन गयी हैं। ताशी और नुंग्शी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित एडवेंचरर बेयर ग्रिल्स कार्यक्रम की मेजबानी करेंगी। कथित तौर पर, इस आयोजन को ओलंपिक की ही तरह रोमांचक जाना जाता है और एक ऑफिशल रिलीज़ के अनुसार इन जुड़वा बहनों को 30 देशों की टीमों के बीच भाग लेने के लिए चुना गया है।

पहाड़ आपको एक पुरुष या एक महिला के रूप में नहीं देखते हैं। वे आपको एक इंसान के रूप में देखते हैं, ” दोनों बहनों ने कहा।

यह पहली बार है जब दक्षिण एशिया के किसी भी एडवेंचरर या टीम ने इस इवेंट में एंट्री की है जो 30 देशों की 60 से अधिक टीमों को होस्ट  करेगी। प्रतिभागी महाकाव्य प्रतियोगिताओं में से एक-दूसरे को चुनौती देंगे और यह सब एक 10-एपिसोड की सीरीज में दिखाया जाएगा जो एक ऑनलाइन प्लेटफार्म के ज़रिये दर्शको तक पहुंचेगा।

मुख्य बातें  :

  1. सातों पहाड़ों पर चढ़ने वाली जुड़वाँ मलिक बहनें पहली ऐसी जुड़वाँ बहने है जिन्होंने दुनिया के सातों ऊँचे पहाड़ों की चढ़ाई की हैं।
  2. वे नॉर्थ और साउथ पोल तक पहुंच गयी और एडवेंचरर्स ग्रैंड स्लैम और थ्री पोल्स चैलेंज को पूरा किया।
  3. उन्होंने 2013 में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई कर वहां पहुँचाने वाली पहली जुड़वां बहनें बनकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
  4. बहनों को भी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है, ट्रेनिंग, इक्विपमेंट्स , यात्रा और फिजी में बाकी सारे खर्चे मिलकर 40 लाख रुपये से ज़्यादा खर्च होगा।

यह पूछने पर कि वह दोनों बहनें इस प्रतियोगिता में क्यों भाग ले रही हैं, ताशी ने दावा किया, “हम विशेष रूप से यह आश्वस्त करने के लिए जा रहे हैं कि हम कुछ भी कर सकते हैं।”

बेयर ग्रिल्स ने अपने ब्लॉग में जुड़वा बहनों को अपना हीरो बताया था। इस चैलेंज का नाम ‘इको चैलेंज फिजी’ है

हरियाणा से रिटायर्ड भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल वीरेंद्र सिंह मलिक के घर जन्मी, जुड़वा लड़कियाँ ट्रेकिंग करते हुए बड़ी हुई । वह सभी आदमियों के दाल में अकेली लड़कियाँ थी और उन्हें बहुत सी रूढ़ियों का सामना करना पड़ा “हे तुम इतना वजन नहीं उठा पाओगी।” एक लड़की इतनी लंबी चढ़ाई नहीं कर पाएगी। ”उनके जीतने के बाद उन्होंने कहा कि अब सभी माता-पिता उन्हें पहचानते हैं और उन्हें“ अपनी बेटियों ”के रूप में बुलाते हैं और उनसे मिलने के लिए“ उत्साहित महसूस करते हैं ”।

Recent Posts

शालिनी तलवार कौन है? हनी सिंह की पत्नी जिन्होंने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया है

यो यो हनी सिंह की पत्नी शालिनी तलवार ने उनके खिलाफ 3 अगस्त को दिल्ली…

7 hours ago

हनी सिंह की पत्नी ने दर्ज कराया उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का केस, जाने क्या है पूरा मामला

बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और अभिनेता 'यो यो हनी सिंह' (Honey Singh) पर उनकी पत्नी…

8 hours ago

यो यो हनी सिंह पर हुआ पुलिस केस : पत्नी ने लगाया घरेलू हिंसा का आरोप

बॉलीवुड सिंगर और एक्टर यो यो हनी सिंह की पत्नी शालिनी तलवार ने उनके खिलाफ…

8 hours ago

ओलंपिक मैडल विजेता मीराबाई चानू पर बनेगी बायोपिक : जाने बायोपिक से जुड़ी ये ज़रूरी बातें

वे किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में हैं जो ओलंपिक मैडल विजेता की उम्र, ऊंचाई…

9 hours ago

मुंबई सेशन्स कोर्ट ने गहना वशिष्ठ को अंतरिम राहत देने से किया इनकार

मुंबई की एक सत्र अदालत ने अभिनेत्री गहना वशिष्ठ को उनके खिलाफ दायर एक पोर्नोग्राफी…

9 hours ago

ओलंपिक मैडल विजेता मीराबाई चानू पर बायोपिक बनने की हुई घोषणा

लंपिक सिल्वर मैडल विजेता वेटलिफ्टर सैखोम मीराबाई चानू की बायोपिक की घोषणा हाल ही में…

9 hours ago

This website uses cookies.