टोक्यो ओलंपिक में मैडल हासिल करने के लिए , भारतीय खिलाड़ी विनेश फोगाट ने अपनी कमर कस ली है क्योंकि उन्होंने वारसॉ में पोलैंड ओपन रेसलिंग टूर्नामेंट जीतने के बाद महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में लगातार तीसरा गोल्ड मैडल जीता। 24-वर्षीय विनेश ने प्रतियोगिता के फाइनल में पहलवान रोकसाना पर 3-2 से जीत हासिल की।

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विनेश फोगाट ने  वारसॉ में पोलैंड ओपन रेसलिंग टूर्नामेंट जीतने के बाद महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में लगातार तीसरा गोल्ड मैडल जीता। 24-वर्षीय विनेश ने प्रतियोगिता के फाइनल में पहलवान रोकसाना पर 3-2 से जीत हासिल की।

फाइनल में पहुंचने के बाद, विनेश ने इस अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में स्वीडन की सोफिया मैटसन, रियो ओलंपिक की ब्रोंज मैडल  विजेता को पहले ही हरा दिया था। विनेश ने शुरू से ही अपने खेल को बुलंद रखा, क्योंकि वह पिछले महीने स्पेन के ग्रांड प्रिक्स और इस्तांबुल में यासर डोगू इंटरनेशनल में दो गोल्ड मैडल के साथ पोडियम पर खड़ी थी।

विनेश पहली भारतीय हैं जिन्हे जिन्हें प्रतिष्ठित लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है।

“मजबूत विरोधियों के खिलाफ कुश्ती से सबसे बड़ी सकारात्मकता यह है कि मुझे मेरे कम्फर्ट जोन से बाहर निकलती है, मुझे मेरे स्टैमिना को पुश करने में मदद करती है, और महत्वपूर्ण सबक सिखाती है! #पोलैंडओपन पर मेरे प्रदर्शन से मै खुश हूँ। 53 किलो की पहलवान के रूप में शुरुआत करने से उत्साहित हूँ , अब मै आगे की ओर, “एशियाड और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की स्वर्ण पदक विजेता, विनेश, जो 2020 के खेलों में भारत को पदक दिलाने की उम्मीद में हैं, विनेश ने ट्वीट कर कहा।

इनसे पहले, विनेश ने 53 किलोग्राम वर्ग में: एशियाई चैम्पियनशिप और डैन कोलोव में ब्रोंज और सिल्वर मैडल जीता था।

2019 में, प्रसिद्ध फोगट परिवार के स्टार पहलवान ने डैन कोलोव-निकोला पेट्रोव पर सिल्वर मैडल जीता था। वर्ष 2018 भी युवा पहलवान का वर्ष था। उन्होंने जकार्ता में एशियाई खेलों में 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में गोल्ड मैडल जीता और ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। दो साल पहले ओलंपिक में दिल तोड़ने वाली हार का बदला लेते हुए, उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड, 2018 में बिश्केक में एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर मैडल जीता।

उन्होंने कहा, ‘मैं इस साल 53 किलोग्राम वर्ग में कम्पीट कर सकती हूं और संभवत: विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक में भी अगर मैं क्वालीफाई करती हूं तो 53  किलो वर्ग से ही खेलूंगी । यह एक निर्णय है जो मेरे कोच वॉलर अकोस और मैंने बहुत विचार के बाद लिया है। आइए देखें कि यह कैसे होता है, ”विनेश ने स्क्रॉल।इन को बताया।

एशियाई खेलों में जाने से पहले, उन्होंने इस जुलाई में मैड्रिड में स्पेनिश ग्रां प्री में गोल्ड मैडल जीता था। विनेश ने महिलाओं के फ्रीस्टाइल 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मैडल जीता और पांच मुकाबलों में सिर्फ एक अंक से जीत दर्ज करते हुए स्टेज पर हावी हो गईं।

 

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