फ़ीचर्ड

जानिए क्यों है किताबों को अपनाना ज़रूरी

Published by
Kaveri Rao

“किताब ही आपके सच्चे दोस्त हैं”, यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी और यकीन मानिये यह सच है। आप सोच रहे होंगे की मैं ऐसा क्यों कह रही हूँ, क्योंकि मैंने यह खुद ही महसूस किया है। एक समय था जब मेरे जीवन में ऐसा समय आया जब कुछ ठीक नहीं चल रहा था, अपनी मन की यही बात जब मैंने अपनी एक प्यारी दोस्त रिचा से कही तो उसका यही कहना था की किताबों को अपनाओ, जितना पढ़ने में व्यस्त रहोगी, उतना बाकी अमहत्वपूर्ण चीज़ों में ध्यान नहीं जायेगा।

मुझे उसकी बात सही लगी और उसी साल से मैंने किताबें पढ़ना शुरू किया, कुछ गूगल रिवियु पढ़ के और कुछ अपने ही मैं से मैंने किताबें ऑनलाइन मंगवाना शुरू किया. आज मुझे यही यही सिलसिला शुरू किये हुए पूरे दो साल हो गए ।

मैंने हर प्रकार की किताबें पढ़ना शुरू किया, कुछ फनी, कुछ रोमांटिक कुछ सस्पेंस से भरपूर। जब से यह सिलसिला शुरू किया मुझे खुद में भी कई परिवर्तन आये । आईये मैं आपके साथ अपने कुछ अनुभव और पॉजिटिव परिवर्तन आपके साथ भी शेयर करूं।

१. मैंने कभी किताब का कवर देखकर यह निश्चित नहीं किया की यह मुझे पढ़नी चाहिए की नहीं।

२. दोस्तों की राय ज़रूर ली लेकिन वही किताब पहले पढ़ी जो मुझे लगा की शायद मुझे पसंद आएगी।

३. पढ़ते वक़्त काफी अच्छेऔर नए शब्द सीखने को मिले, उनका अर्थ समझ न आने पर गूगल किया जिसकी वजह से मेरी अपनी नॉलेज भी काफी बढ़ी।

४. जितनी ज़्यादा किताबें मैंने पढ़ी मुझे यह भी पता चला की किस प्रकार की किताबें मुझे पसंद हैं ।

५. मेरा फ्री टाइम का सही उपयोग मैंने किया, एक किताब आपका समय अच्छा व्यतीत करवाता है।

६ . आज किंडल रीडिंग के ज़माने में ने जाने क्यों मुझे पेपर बैक की ज़्यादा पसंद हैं, इसका अलग ही मज़ा है ।

७ . मैंने अपने टेबल में एक छोटी सी लिब्ररेरी बनायीं है जहाँ मेरी साड़ी किताबें हैं, जब मैं करे मैं आसानी से कोई भी किताब पढ़ना शुरू कर देती हूँ ।

८. पढ़ते वक़्त मैं अपना मोबाइल नहीं देखती, सोशल मीडिया से दूर रहती हूँ ।

९. जब आपका दिमाग किताब में मग्न रहता है तो बेफिज़ूल की बातों में ध्यान महीन जाता, आप अंदर से ही खुश रहतें हैं।

१०. अपने आपको एक ही किताब के स्टाइल में सीमित न करें, अलग आग प्रकार की किताब पढ़ना बहुत ही आवश्यक है ।

किताबें पढ़ना आपके मानसिक स्वास्थय के लिए ज़रूरी है। किताबों की दुनिया बहुत ही काल्पनिक, रोचक और थोड़ी सच्चाई से परिपूर्ण है, इसीलिए उम्र के पहले ही पड़ाव से किताबें पढ़ें। बड़ों को पढ़ता देखकर बच्चे भी यह एक अच्छी आदत सीखेंगे।

आज मुझे ख़ुशी होती है की मेरे बेटे को भी यह पता चला है की किताबें हमेशा आपके साथ रहेंगी। मैं अपनी दोस्त रिचा को धन्यवाद देना चाहूंगी जिसने मुझे किताबों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कावेरी पुरन्धर शीदीपीपल.टीवी ली आउटरीच सम्पादक हैं।

Recent Posts

मध्य प्रदेश में 2 साल की बच्ची के फेफड़े में मिला मेटल स्प्रिंग

मध्य प्रदेश से हैरान कर देने वाली खबर सामने आयी है, जिसमें एक 2 साल…

4 hours ago

Taliban Bans Women In College: तालिबान के द्वारा अप्पोइंट किए गए चांसलर ने महिलाओं को कॉलेज जाने से बैन किया

तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर 15 अगस्त को कब्ज़ा कर लिया था और उसके बाद से…

6 hours ago

Elderly Death Rate Increased 31% : बूढ़े लोगों डेथ रेट 31% बड़ी, कोरोना के मारे हाल हुआ बुरा

लॉकडाउन में लोग घर से बाहर नहीं निकल पाए ऐसे में ऐसा बहुत हुआ है…

6 hours ago

Bad Habits For Your Breasts: 4 ऐसी आदतें जो आपके ब्रेस्ट्स के लिए नुकसानदायक हैं

ब्रेस्ट्स से संबंधित किसी भी प्रकार की बीमारी से बचने के लिए उन का विशेष…

7 hours ago

Things That Are Okay In A Marriage: शादी के लिए किन बातों को नॉर्मल करना चाहिए

हमारे समाज में शादी को लेकर बहुत सारे स्टरियोटाइपेस हैं जिन्हे बचपन से देखते और…

7 hours ago

Women Do Not Have To? लड़कियों को ये 5 चीजें करना जरूरी नहीं है

लड़कियों को बचपन से बताया जाता है कि ये मत करो, ऐसे मत बैठो, हमेशा…

7 hours ago

This website uses cookies.