स्टार्टिंग में तो लोगों ने जनता कर्फ्यू को बहुत अच्छे से माना लेकिन शाम होते होते जब 5 बजे तो सब लोग घर के नीचे आके तालिया बजाने लगे और उनमें से कई ग्रुप बनाकर खड़े भी हो गए । यह पहली बार नहीं है जब लोगों ने अपने साथ साथ दुसरो की सेफ्टी को भी खतरे में दाल दिया । अब ऐसे लोगों के लिए एक नया वर्ड भी आ गया है । क्या आपको पता है वो वर्ड क्या है ? वो वर्ड है ‘कोवीडीयट’। एक कोवीडीयट एक ऐसा इंसान है जो या तो अभी की सिचुएशन को सीरियसली नहीं ले रहा या कोरोनावायरस की न्यूज़ के लिए व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी को फॉलो करता है। आप एक कोवीडीयट ना बने । और अगर आपको जानना है की कोवीडीयट कैसे ना बने , तो ये पढ़िए :

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1. फेक न्यूज़ फॉरवर्ड ना करें

शंख बजाने से या एक साथ ताली बजाने से कोरोनोवायरस नहीं मरने वाला। और ना ही गौमूत्र पीने से या इलाइची, हल्दी, तुलसी खाने से आप इन्फेक्शन से बच जाएंगे । इन् बातों को अगर फॉलो ही करना है तो खुद पे करें लेकिन अपनी फॅमिली का व्हाट्सप्प गृउप पर इससे फॉरवर्ड बिल्कुल भी मत करें। आपको इन्फेक्शन से बचने के लिए अपने हाथ रेगुलरली धोने या सनितीज़े करने पड़ेगे और हाँ सोशल डिस्टन्सिंग करने से ही आप इन्फेक्शन से बच सकते हैं।

2. ग्रुप्स में ना जाये

मेरे इंस्टाग्राम फीड्स पे कई ऐसी वीडियोस आरही है जिनमें लोग जनता कर्फ्यू के सक्सेस्फुल होने पे एक साथ आकर गरबा कर रहे है या फिर किसी भी टाइप का सेलिब्रेशन कर रहे हैं ।लगता है की लोग ये सोच रहे हैं की 10 घंटे घर के अंदर रहने से वायरस चला जाएगा ।

क्या हम न्यूज़ बिल्कुल नहीं देखते हैं ? क्या हमें इस बात का कोई भी आईडिया नहीं है कि ये वायरस कितना स्ट्रांग है ? इटली में एक दिन में करीब 800 मौतें हो रही हैं। आज अमेरिका में कोरोनोवायरस के 32,000 से अधिक केसेस हैं, और इंडिया में भी 400 केसेस आ चुके हैं।

3. ट्रैवेलिंग

ऐसा लग रहा है कि हम लोग अथॉरिटीज के बार बार रिक्वेस्ट करने पर भी अपनी ट्रैवेलिंग को नहीं रोक सकते हैं। इसी वजह से, रेलवे और बस सर्विसेज को रोक दिया गया है और लोकल ट्रांसपोर्ट में भी मास मूवमेंट करने के लिए मना करदी गयी है। लेकिन क्या यह हमें रोकने के लिए काफी है? क्या इससे लोग प्राइवेट व्हीकल्स यूज़ करना बंद करदेंगे ? न्यूज़ खोलकर देखेंगे तो पता चलेगा कि अब भी प्राइवेट कार्स कि एक लाइन हाईवे पर खड़ी हुई है, या तो बॉर्डर के इस पर जाने के लिए या उस पर।

4. फॉरेन से आने के बाद भी खुद को सेल्फ – आइसोलेट ना करना

सिंगर कनिका कपूर फॉरेन से इंडिया आने के बाद भी खुद को सेल्फ – आइसोलेट न करने कि वजह से काफी न्यूज़ में है । उनका कहना है कि वायरस उन्हें इंडिया आने के बाद ही लगा है, जैसे ही उन्हें कुछ गड़बड़ लगी उन्होने तुरंत डॉक्टर को दिखाया जिसमे उनका रिजल्ट पॉजिटिव आया ।

एक रीज़न है जिसकी वजह से एक्सपर्ट्स लोगों को 14 दिनों से लिए आइसोलेशन में रहने के लिए कह रहे हैं । ऐसा नहीं है कि आपके बहार निकलने के कुछ मिनट बाद ही आपको कोरोनावायरस हो जायेगा, ऐसा भी हो सकता है कि आप उस वायरस को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा दे । इसलिए अगर आप फॉरेन से लौटे हैं, या फिर इंडिया कि किसी ऐसी सिटी से लौटे हैं जिसमे इसके केसेस आप चुके हैं, तो ये ज़रूरी है कि आप खुद को सेल्फ- आइसोलेशन में रखें।

5. अपनी इम्युनिटी के बारे में ज़्यादा बढ़ा चढ़ाकर बोलना

मैं आजकल ऐसे लोगों को भी देख रही हूँ जो ये कहते है कि हमारा इम्यून सिस्टम बहुत ही स्ट्रांग है और कोरोनोवायरस उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता है । लेकिन ये फिर भी हाथ न धोने या उन्हें सनितीज़े न करने का कोई बहाना नहीं हो सकता। शायद आपकी इम्युनिटी इतनी अच्छी होगी लेकिन एक बात यद् रखिये आपके आस पास सब लोग इतनी अच्छी इम्युनिटी वाले नहीं हैं। जो लोग बूढ़े हैं, या किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं, उनमें कोरोनोवायरस के इन्फेक्शन के आने का खतरा ज़्यादा है ।

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