जम्मू-कश्मीर: "अगर शरिया कानून के हिसाब से चले तालिबान, तो दुनिया के लिए मिसाल बन सकता है।"- महबूबा मुफ्ती

जम्मू-कश्मीर: "अगर शरिया कानून के हिसाब से चले तालिबान, तो दुनिया के लिए मिसाल बन सकता है।"- महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर: "अगर शरिया कानून के हिसाब से चले तालिबान, तो दुनिया के लिए मिसाल बन सकता है।"- महबूबा मुफ्ती

SheThePeople Team

08 Sep 2021


तालिबान सरकार पर महबूबा मुफ्ती का बयान: अफगानिस्तान में तालिबान के कब्ज़े के बाद अब उनका शासन कायम हो गया है। तालिबान सरकार की इस नई शासन टीम में कई नाम शामिल है। सरकार बनाने के बाद से तालिबान के बनाये गए कानून महिलाओं और मानव अधिकारों का हनन करते हुए नज़र आ रहे है। अफगानिस्तान में इसी उठा पटक के बीच जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Former Chief Minister Mehbooba Mufti) का एक बयान सामने आया है।

तालिबान सरकार पर महबूबा मुफ्ती का बयान: यहाँ जाने जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने क्या कहा

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने तालिबान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि तालिबान हकीकत बनकर सामने आ रहा है। वो अगर अपनी छवि बदलता है और शरिया कानून के हिसाब से चलता है तो दुनिया के लिए मिसाल बन सकता है। उन्होंने मीडिया एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि "तालिबान एक हकीकत के रूप में उभर रहा है। अपने पहले शासन के दौरान उनकी मानवाधिकार विरोधी छवि थी। वे दुनिया के लिए एक उदाहरण स्थापित कर सकते हैं यदि वे वास्तविक शरिया कानून का पालन करते हैं जिसमें महिला अधिकार शामिल हैं, न कि वह शरिया जो वो खुद बना रहे है।"

https://twitter.com/ANI/status/1435573719813038094?s=20

महबूबा ने कल ट्वीट कर के अपने नज़रबंद होने का किया था दावा:

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दावा किया कि वह अपने ही घर में नज़रबंद है। यही नहीं उन्होंने केंद्र सरकार के राज्य में स्थिति सामान्य होने के दावों को फर्जी करार देते हुए एक ट्वीट शेयर किया। उन्होंने ट्वीट में कहा कि वह नजरबंद हैं और प्रशासन के “सामान्य स्थिति के फर्जी दावों” का पर्दाफाश हो गया है। दरअसल मुफ्ती को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम की यात्रा के लिए अपने घर से निकलने की अनुमति नहीं थी। यहाँ पढ़े पूरी खबर। 


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