जूही चावला को 5G जजमेंट ने "हर्ट और कन्फ्यूज्ड" कर दिया है (Juhi Chawla 5G Judgement)

जूही चावला को 5G जजमेंट ने "हर्ट और कन्फ्यूज्ड" कर दिया है (Juhi Chawla 5G Judgement) जूही चावला को 5G जजमेंट ने "हर्ट और कन्फ्यूज्ड" कर दिया है (Juhi Chawla 5G Judgement)

SheThePeople Team

09 Aug 2021

Juhi Chawla 5G Judgement - एक्टर जूही चावला ने हाल में ही इनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक 14 मिनट की वीडियो पोस्ट की है जिस में इन्होंने कहा कि यह कोर्ट सिर्फ चिड़ियाँ, लोगों कि हेल्थ और पर्यावरण का सोचकर गयी थीं।

अभिनेता ने आगे कहा कि ईएमएफ विकिरण, इसके स्वास्थ्य प्रभावों और इस संबंध में कुछ अधिकारियों की स्पष्ट अज्ञानता के बारे में विवरण खोजने में उन्हें ग्यारह साल लग गए। इस मामले में उनकी दिलचस्पी के बारे में बोलते हुए, चावला ने खुलासा किया कि एक दिन उनके ही घर के सामने सह्याद्री गेस्ट हाउस में अचानक 14 सेल्युलर टावर आ गए और फिर उन्होंने मानव पर सेलुलर विकिरण के हानिकारक प्रभावों के बारे में पढ़ना शुरू कर दिया। स्वास्थ्य।

बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला ने दिल्ली उच्च न्यायालय से 5जी वायरलेस नेटवर्क टेक्नोलॉजी के खिलाफ अपनी याचिका वापस ले ली है। दरअसल उन्होंने ये मुकदमे को खारिज करने के संबंध में किया। इसके अलावा अदालत ने 20 लाख का जुर्माना भी लगाया था। उन्होंने यह जुर्माना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए लगाए है।

इस से पहले जूही चावला ने क्या वीडियो शेयर की थी?

जूही चावला ने अपने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिस में ये कह रही हैं कि सभी जगह इतना ज्यादा शोर हो गया था पिछले दिनों कि हम अपने मन की बात को सुन ही नहीं पाए। इनका कहना है कि में 5G के खिलाफ नहीं हूँ उस से होने वाले नुकसान के खिलाफ हूँ। अगर आप सर्टिफाई करते हैं और सभी जगह पब्लिक डोमेन में डाटा रिलीज़ कर देते हैं कि ये बच्चों के लिए , प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए और पेड़ पौधों के लिए नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

जुही ने बड़े ही साधारण और हस्ते हुए इस बात को कहा। उनका कहना है कि हम 5G टेक्नोलॉजी को तो वेलकम करते हैं लेकिन उससे होने वाले नुकसान से हमें दिक्कत है।

इनके इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरीके के रिप्लाई आये जैसे कि इन्होंने जूही ने पहले खुद नुक्सानदायक चीज़ों का एड किया है, या फिर इन पर लगे 20 लाख रूपए को ट्रोल किया था। कुछ लोगों ने इनकी बात को सुनकर इनकी साइड भी ली और अपना सपोर्ट दिखाया।

क्या था 5G का पूरा मामला ?

चावला ने भारत में 5जी नेटवर्क की स्थापना की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक मामला दायर किया था। सूट ने विकिरण के जोखिम पर सवाल उठाया और मांग की कि अधिकारी स्पष्ट करें कि क्या तकनीक जीवित जीवों के लिए खतरा है।

मुकदमे में, चावला ने कहा कि अगर दूरसंचार उद्योग की 5G की योजना एक वास्तविकता बन जाती है, तो इससे पर्यावरण को अपरिवर्तनीय नुकसान होगा और “पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति, पशु, पक्षी, कीट और पौधा जोखिम से बचने में सक्षम नहीं होगा, 24 घंटे दिन, वर्ष में ३६५ दिन, आज की तुलना में 10 गुना से 100 गुना अधिक विकिरण के लिए।”




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