राज्य की पहली महिला फुटबॉल कोच फ़ौसिया मंपेटा का शुक्रवार को कोझिकोड में निधन हो गया। वह 52 साल की थी। फ़ौसिया जो कैंसर का इलाज करा रही थीं, गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, नादक्कवु में केरल स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के कोच के रूप में काम कर रही थीं। फ़ौसिया ने नेशनल गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद देश का ध्यान आकर्षित किया, हालांकि केरल की टीम 1-0 से फाइनल हार गई थी। खेलों के बाद, राज्य में महिला फुटबॉल के अम्बेसडर के रूप में फ़ौसिया को सम्मानित किया गया।

2005 में मणिपुर में आयोजित सीनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में तीसरे स्थान पर आने वाली राज्य टीम का नेतृत्व फ़ौसिया ने किया था। वह केरल टीम की असिस्टेंट कोच भी थीं, जब वे 2006 में ओडिशा में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में रनर-अप थीं। नादक्कवु स्कूल की गर्ल्स टीम के सदस्य अभी भी उन्हें कोचिंग के लिए धन्यवाद देते हैं जिसके कारण उन्हें सुभाषो कप जीतने में मदद मिली।

2007 में, फ़ौसिया ने कोझिकोड महिला फुटबॉल क्लब का गठन किया जिसने यहाँ से कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को ढाला। उसी साल, वह कालीकट यूनिवर्सिटी की महिला फुटबॉल टीम की कोच बनीं। वह 2017 में एमजी यूनिवर्सिटी की महिला फुटबॉल टीम की असिस्टेंट कोच भी थीं। फुटबॉल में उनकी उपलब्धियों के अलावा, फुसिया वेटलिफ्टिंग में राज्य चैंपियन थीं और उन्होंने दक्षिण भारत चैम्पियनशिप में ब्रोंज मैडल जीता था लेकिन फुटबॉल के लिए उनका प्यार हमेशा उनके साथ रहा जब उन्होंने अन्य खेलों में अपना भाग्य आजमाया, तब भी । वह देश और देश के बाहर भी कई जूडो गेम्स में चैंपियन थीं और राज्य की हैंडबॉल टीम की सदस्य थीं। फ़ौसिया जिन्हें एक ऑल-राउंडर के रूप में जाना जाता था, जिन्होने राज्य हॉकी और वॉलीबॉल टीमों में भी अपने स्किल्स का प्रदर्शन किया था।

2003 में नदवाकवु स्कूल में फोसिया को फुटबॉल टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और बाद में उन्हें कोझीकोड जिले की टीम का कोच नियुक्त किया गया था। फ़ौसिया के माता-पिता तिरुपूर से मलप्पुरम जिले के रहने वाले थे, लेकिन बाद में उन्हें कोच नियुक्त करने के बाद कोझिकोड के जिला खेल परिषद में ट्रांसफर कर दिया गया। उन्होंने 1996 में शादी कर ली लेकिन उसके पति ने उनका मिस्काररेज होने के बाद उसे छोड़ दिया।

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