तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर भाई-भतीजावाद (nepotism) के दावों को लेकर जमकर तीखी नोकझोंक की। उनके इस विवाद ने इंटरनेट को sexism और caste के विषय पर अलग -अलग करदिया है। महुआ मोइत्रा अंकलजी कमेंट 

महुआ मोइत्रा ने जगदीप धनखड़ को क्यों कहा “अंकलजी”?

दरअसल मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताने से संबंधित धनखड़ के एक ट्वीट पर रिप्लाई देते हुए लिखा, ‘अंकलजी पश्चिम बंगाल की ‘चिंताजनक स्थिति’ सुधर जाएगी अगर आप माफ़ी मांग के वापस दिल्ली चले जाएं और कोई दूसरी नौकरी ढूंढ ले ‘। मोइत्रा ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने परिवार के छह लोगों को Officers on Special Duty (OSD) के पद पर अधिकारियों के लिए नियुक्त किया है।

मोइत्रा ने एक लिस्ट ट्विटर पर शेयर की, जिसमें राज्यपाल के ओएसडी अभ्युदय शेखावत, ओएसडी-समन्वय अखिल चौधरी, ओएसडी-प्रशासन रुचि दुबे, ओएसडी-प्रोटोकॉल प्रसांत दीक्षित, ओएसडी-आईटी कौस्तव एस वलिकर और नव-नियुक्त ओएसडी किशन धनखड़ का नाम है।

मोइत्रा के दावों के लिए, धनखड़ ने जवाब दिया कि लिस्ट में नियुक्त व्यक्ति उनसे संबंधित नहीं हैं और “ओएसडी तीन राज्यों से हैं और चार अलग-अलग जातियों से संबंधित हैं। उनमें से कोई भी करीबी परिवार का हिस्सा नहीं है। उनमें से चार मेरी जाति या राज्य से नहीं हैं।”

महुआ मोइत्रा और जगदीप धनखड़ का ट्विटर विवाद: नेटिज़न्स क्या कह रहे हैं

जहां मोइत्रा के ‘अंकलजी’ कमेंट को सोशल मीडिया के एक ग्रुप द्वारा रिवर्स सेक्सिज्म का उदाहरण बताया जा रहा है, वहीं अन्य लोग जाति के मुद्दे को उठाने के लिए धनखड़ से सवाल पूछ रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, ‘पश्चिम बंगाल के गवर्नर इस बात को रेखांकित करते हैं कि भारत में 2021 में जाति की एंडोगैमी कितनी मजबूत है: उन्होंने किसी के रिश्तेदार होने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वे एक ही जाति से भी नहीं हैं।”

“वे अलग-अलग राज्यों या जातियों से हो सकते हैं लेकिन क्या वे रिश्तेदार हैं? यही चिंताजनक सवाल है!” एक अन्य यूजर ने कहा

ये रही कुछ प्रतिक्रियाएँ :

महुआ मोइत्रा अंकलजी कमेंट 

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