No Women In Cabinet: तालिबान ने कैबिनेट के मेंबर्स अन्नोउंस किए, एक भी महिला का नाम नहीं है शामिल

No Women In Cabinet: तालिबान ने कैबिनेट के मेंबर्स अन्नोउंस किए, एक भी महिला का नाम नहीं है शामिल No Women In Cabinet: तालिबान ने कैबिनेट के मेंबर्स अन्नोउंस किए, एक भी महिला का नाम नहीं है शामिल

SheThePeople Team

21 Sep 2021

तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में कब्ज़ा करने के बाद अब वहां पर गवर्नमेंट का सेटअप कर रही हैं। मोहम्मद हस्सान अखंड 20 साल बाद पावर में वापस आए हैं और अब वह वहां पर कैबिनेट मेंबर्स वगेरा बना रहे हैं।

No Women In Cabinet


कैबिनेट बनाते वक़्त इन्होंने कई लीडर्स के नाम सामने रखे हैं जिन में सब पुरुष ही हैं। इनका कहना है कि बाद में ऐसा हो सकता है कि महिलाओं को भी कैबिनेट में शामिल किया जाए। सिराजुद्दीन हक़ानी को अफ़ग़ान के नए इंटीरियर मिनिस्टर बनाया गया है। यह हक़ानी नेटवर्क के फाउंडर हैं और FBI की लिस्ट में मोस्ट वांटेड इंसान हैं।

इस से पहले भी इन्होंने एक बार स्टेटमेंट दिया था कि महिलाओं को मिनिस्ट्री में अल्लॉव नहीं किया जाएगा। इससे पहले तालिबान ने 20 साल पहले अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा किया था और अब एक बार फिर कर लिया है। महिलाओं को मिनिस्ट्री में बैन करने को लेकर कुछ महिलाएं प्रोटेस्ट भी कर रही हैं। इसी तरीके से अगर अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान काम करते रहे तो वहां की महिलाओं का फ्यूचर कितना ख़राब होगा यह बताना मुश्किल है।

तालिबान की महिलाओं को लेकर क्या सोच है?


इस से पहले तालिबान ने कहा था महिलाएं मिनिस्टर नहीं बन सकती हैं यह तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान की सभी महिलाओं के लिए अपने आप कह दिया है। ऐसे ही कुछ समय पहले तालिबान ने डिक्लेअर किया था कि महिलाएं अब किसी भी तरीके के स्पोर्ट्स में हिस्सा नहीं ले सकती हैं क्योंकि इससे उनकी बॉडी एक्सपोज़ होती है। इस से पहले इन्होंने कहा था कि महिलाओं को कॉलेज में सिर्फ महिला टीचर्स ही पढ़ा सकती हैं या फिर थोड़े ज्यादा उम्र के पुरुष जिनका करैक्टर अच्छा हो।

तालिबान हर तरीके से महिलाओं को पीछे कर रहे हैं और उनकी सोच से यह साफस समझ में आता है कि वो महिलाओं को किसी भी काम के काबिल नहीं समझते हैं। इनका हमेशा से महिलाओं के प्रति वर्ताव ख़राब रहा है और यह हमेशा उनके लिए पिछड़ी हुई सोच से दबाते हुए आए हैं।

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