दाह संस्कार के पहले आँखे खोलीं – कोरोना की दूसरी लहर के चलते रोजाना हज़ारों लोग मर रहे हैं। अस्पतालों में भीड़ के मारे किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा है और न ही जिन्दा लोगों के लिए किसी के पास वक़्त है न की लाशों के लिए। पुणे में एक आश्चर्यचकित मामला सामने आया है। 76 साल की मरी हुई घोषित कर दी गयी महिला अपने ही दाह संस्कार के पहले आँखे खोलकर उठ गयी।

कौन थी ये महिला ? दाह संस्कार के पहले आँखे खोलीं

इस महिला का नाम है शकुंतला गायकवाड़। इनकी कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी और इनको एम्बुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था। एम्बुलेंस से ले जाते वक़्त ये बेहोश हो गयी और एम्बुलेंस के स्टाफ ने उनको मरा हुआ घोषित कर दिया था।

इसके बाद उनके सभी परिवार वाले उनको अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे और सभी रिश्तेदारों को खबर कर दी। महिला को इसके बाद दाह संस्कार के लिए लेजाया गया और उस ने आँखे खोल लीं। आँखे खोलते ही महिला जोर जोर से रोने लगी और फिर उसको सिल्वर जुबली अस्पताल में इलाज के लिए लेजाया गया।

दुनिया में लोग कोरोना जैसी महामारी से पहली बार पीड़ित हो रहे हैं। ये समय पूरे देश और दुनिया के लिए बहुत संवेदनशील है इसलिए हमें अपना और अपने आस पास के सभी लोगों का खयाल रखना है पर बिना छुए और बिना शारीरिक संपर्क में आए।

मास्क पहनें

कोरोनावायरस एक संक्रमण करने वाली महामारी है इसका मतलब है जो बीमारी एक हाथ से दूसरे हाथ बहुत आसानी से फैल जाती हैं। इस महामारी का सबसे अच्छा सोल्यूशन है कि हम एक दूसरे के संपर्क में ना आए और शारीरिक दूरी बनाकर रखें। मास्क पहन कर ही रखें चाहे आप घर में हो या बाहर।

सफाई का ध्यान रखें

कोरोना के इस समय में आप अपने आस पास सफाई का खास ख्याल रखें। आप जहाँ मास्क रखते हैं वहाँ की सफाई खास तौर पर रखें वरना वहाँ गंदगी में रखें मास्क में कीटाणु लग सकते हैं और आपके मुँह के संपर्क में आ सकता है। ये कोरोना में सावधानी का खास पॉइंट है।

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