‘कोरोनावायरस’ शब्द सुने बिना आप आजकल एक घंटा भी नहीं बिता सकते।इसे अब वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन द्वारा महामारी/पान्डेमिक डिक्लेअर किया गया है। अभी तक ये ग्लोबली 1,00,000 से अधिक लोगों को इन्फेक्ट कर चूका है । इसलिएइसके प्रीकॉशन्स को स्ट्रिक्टली फॉलो करने की बहुत ज़रुरत है । फिलहाल सिर्फ एक ही चीज़ आपको कोणवीरस से बचा सकती है, और वो है, आपकी इम्युनिटी। आइये जानते है की हम अपनी इम्युनिटी को कैसे स्ट्रांग करें :

1 . फिजिकली फिट रहे

मॉडर्न जॉब और स्टडीज के रूटीन ने हमारी लाइफ से फिजिकल एक्टिविटी को खत्म सा कर दिया है । नेशनल हेल्थ सर्विसेज, यूके, का कहना है कि एडल्ट्स को हर दिन किसी न किसी तरह से फिजिकली एक्टिव होना चाहिए और एक वीक में कम से कम 150 मिनट मॉडरेट एरोबिक असितवित्य (लॉन्ग वाक, गार्डनिंग, साइकिलिंग ) या 75 मिनट की विगोरोस एक्टिविटी (दौड़ना, तैरना, एरोबिक्स क्लास लेना ) करनी चाहिए। जैसा कि एक्सरसाइज बेटर ब्लड सर्कुलेशन करवाता है, उसी तरह यह हमारी इम्युनिटी को भी स्ट्रांग करता है । एक्सरसाइज भी एक लिमिट तक ही अच्छी होती है , अगर उस लिमिट से ज़्यादा करलो तो इसका नेगेटिव इम्पैक्ट भी हो सकता है ।

2 . स्मोकिंग छोड़ दे

यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम और किंग्स कॉलेज के एक स्टडी के अनुसार, लंदन में पाया गया कि 55 से 79 वर्ष के 125 नॉन- स्मोकिंग साइकिलस्ट्स में अभी भी एडल्ट लोगों जैसा इम्यून सिस्टम है । यहां तक ​​कि साइंटिस्ट्स ने वार्निंग भी दी है कि स्मोकिंग करने वालों को कोरोनोवायरस होने का ज़्यादा खतरा है। इसलिए अगर आप स्मोकिंग छोड़ने की सोच रहे हैं, तो यह सबसे अच्छा समय है । नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी के एक पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट ने द सन ऑनलाइन को बताया, “यह एक मेडिकल ओपिनियन है की स्मोकिंग करने वालो के ज़्यदा सीरियस आउटकम्स आते हैं । अगर आपको कोई भी पुरानी लंग डिजीज थी तो इसका आप पे असर होना ज़्यादा हो जाता है। ”

3 . स्ट्रेस कम लें :

यदि आप ढंग से सोचें, तो इम्युनिटी को स्ट्रांग करने के सभी फैक्टर्स एक दूसरे से कनेक्टेड हैं । एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोंस इम्यून फंक्शन को कमज़ोर कर सकते हैं, और इससे आपको इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है। मैडिटेशन करने से भी स्ट्रेस कम होता है।

4 . हैवी ड्रिंकिंग इम्यून सेल्स खत्म करता है

दूसरे हेल्थ एक्सपर्ट ने द गार्जियन को बताया, “कुछ स्टडीज ने बताया है कि वायरस से प्रोटेक्शन का बेसिक तरीका उन लोगो के लिए यूज़फुल नहीं है जो ज़्यादा अल्कोहल पीते हैं । और ये भी बताया है की अल्कोहल के ज़्यादा कोन्सुम्प्शन से ल्य्म्फोसिट्स भी कम हो जाते हैं। इसलिए यदि वायरस आप में चला गया , तो आपका शरीर उससे लड़ने में इतना अच्छा नहीं होगा । ” तो यह समय अब वो सब आदतें बदलने का है जो अच्छी नहीं हैं ।

5. विटामिन ए और विटामिन डी

द सन के अनुसार, विटामिन डी शरीर में पेप्टाइड की ग्रोथ में हेल्प करता है – यह बॉडी का एक सब्सटांस है जो बैक्टीरिया, फंगी और वायरस से लड़ता है । एनएचएस, विटामिन डी का सप्लीमेंट लेने की सलाह देता है। इसके अलावा, क्यूंकि वायरस ठंड और खांसी के साथ शुरू होता है, इसलिए विटामिन ए की अधिक मात्रा लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह हमारी नाक और लंग्स को इन्फेक्शन से बचाने के लिए लंग्स को मजबूत रखने में मदद करता है। विटामिन ए के लिए, फल और सब्जियां जैसे ऑरेंज, आम, एप्रीकॉट और तरबूज लेना चाहिए।

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