ब्लॉग

छुट्टियों में सिंगल होने का मतलब अकेलापन नहीं

Published by
Aastha Sethi

छुट्टियों आते ही, दोस्त व परिवार के सवालों में घिर जाते है, सिंगल लोग, जैसे “तुम शादी कब कर रहे हो”?

रिश्तेदारों के सवाल व सलाह खत्म होने का नाम नहीं लेती. हर त्यौहार या मिलन का मौका, बस इसी चीज़ पर निर्भर करता है कि कब कोई खास आपकी ज़िन्दगी में प्रवेश कर रहा है या करेगा. चाहे, चचेरे रिश्तेदार हो या ममेरे या दोस्त ही, सब फिकरमंद रहते है कि कई आप ज़िदंगी भर अकेले ही न रह जाये.

निःसंदेह हर कोई एक रोमांटिक रिश्ता तलाश रहा है. रिश्ता गंभीर हो और लंबा चले, तो इससे बेहतर कुछ नहीं. कई लोगो के मुताबिक, सिंगलस दंपतियों की तुलना में ज़्यादा दुखी या अकेले होते है.

यह प्रचलित धारणाएँ आजकल रिश्तों का मार्गदर्शन करती है, लेकिन यह झूठी है. जानिए क्यों:

क्यों अधिक लोग सिंगल रहना पसंद करते है?

सच्चाई यह है कि अधिक लोग अविवाहित व बिना किसी के साथ के रह रहे है. महलाएं अब अविवाहित रह कर काम करने व नौकरी करने में ज़्यादा विश्वास रखती है. हालाँकि, उनके प्रेमी होते है. 2010 में, अमेरिका में विवाहित जोड़ें अल्पसंख्यक बन गए. अधिक युवा वयस्क अविवाहित और बिना रोमांटिक साथी के रहना पसंद करते हैं.

इच्छा से सिंगल

बहुत से लोग सिंगल होने में आनंद लेते हैं. लोगों के पास कई राजनीतिक या नैतिक कारण हैं.

कुछ महिलाएं इच्छा से सिंगल मदर बनती हैं. जैसा कि समाजशास्त्री अर्लिए हॉक्सचाइल्ड ने तर्क दिया है, महिलाओं को सिंगल रहना, विवाहित जीवन से बेहतर व आकर्षक लगता है.

अन्य लोगों के लिए, सिंगल जीवन उनका खुद का निर्णय होता है. जैसे “अलैंगिक” लोग, जिन्हे यौन और रोमांटिक संबंधों में रुचि नहीं है.

अलैंगिक लोग कौन हैं?

1994 के ब्रिटिश सर्वेक्षण, 18 ,000 लोगो में 1 प्रतिशत लोग अलैंगिक थे. अलैंगिकता अभी भी बहुत कम ज्ञात है. लोगों में झिझक भी है. इसलिए, यह संभव है कि सही संख्या अधिक हो सकती है.

अलैंगिक ऐसे लोग हैं जो यौन आकर्षण महसूस नहीं करते हैं. अलैंगिकता केवल सेक्स से परहेज नहीं, बल्कि एक अभिविन्यास है. अलैंगिक में रोमांटिक भावनाएं हो सकती हैं, जीवन साथी के साथ अंतरंग क्षणों को साझा करना चाहते हैं और यहां तक ​​कि कडल भी – लेकिन यौन भावनाओं के बिना.

एंजेला चेन, पत्रकार, ने अलैंगिकता के बारे में एक किताब लिखी है, उसमे कहती है कि उसके अलैंगिक साक्षात्कार विषयों में अलैंगिकता के बारे में जानकारी की कमी थी. वह यौवन के दिनों में खुद से सवाल करते थे कि, “क्या मैं सामान्य हूं? क्या मेरे साथ कुछ गलत है?”

समाज में, अलैंगिकता को एक चिकित्सा विकार के रूप में देखा जाता है, जो बिलकुल गलत और असत्य है.

सिंगल और खुश? या अकेलापन?

“सिंगल आउट” के लेखक मनोवैज्ञानिक बेला डे पौलो के अनुसार, आजीवन सिंगल लोग, वृद्धों से कम अकेले होते है. और कई सिंगल लोगों में घनिष्ठ मित्रता होती है, जो रोमांटिक साझेदारी के समान ही मूल्यवान है.

सिंगल लोगों के इस निर्णय के कारण को समझना आवश्यक है. यदि आप किसी के मित्र या परिवार के सदस्य हैं जो आपको बताता है कि वे खुशी से सिंगल हैं – तो उन पर विश्वास करें.

(यह आर्टिकल दी कन्वर्सेशन में प्रकाशित हुआ था)

Recent Posts

Tapsee Pannu & Shahrukh Khan Film: तापसी पन्नू और शाहरुख़ खान कर रहे साथ में फिल्म “Donkey Flight”

इस फिल्म का नाम है "Donkey Flight" और इस में तापसी पन्नू और शाहरुख़ खान…

19 hours ago

Raj Kundra Porn Case: शिल्पा शेट्टी के पति ने कहा कि उन्हें “बलि का बकरा” बनाया जा रहा है

पोर्न रैकेट चलाने के मामले में बिज़नेसमैन राज कुंद्रा ने शनिवार को एक अदालत में…

20 hours ago

हैवी पीरियड्स को नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी, जाने क्या हैं इसके खतरे

कई बार महिलाओं में पीरियड्स में हैवी ब्लड फ्लो से काफी सारा खून वेस्ट हो…

21 hours ago

झारखंड के लातेहार जिले में 7 लड़कियां की तालाब में डूबने से मौत, जानिये मामले से जुड़ी ज़रूरी बातें

झारखंड में एक प्रमुख त्योहार कर्मा पूजा के बाद लड़कियां तालाब में विसर्जन के लिए…

21 hours ago

झारखंड: लातेहार जिले में कर्मा पूजा विसर्जन के दौरान 7 लड़कियां तालाब में डूबी

झारखंड के लातेहार जिले के एक गांव में शनिवार को सात लड़कियां तालाब में डूब…

21 hours ago

This website uses cookies.