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Fitness: जानिए रेगुलर पाइलेट्स करने के 5 फायदें

Published by
Ritika Aastha

पाइलेट्स एक फिजिकल फिटनेस सिस्टम है जिसका निर्माण 20वीं शताब्दी में हुआ था। इस एक्सरसाइज में कई तरह के आप्रेटस का इस्तेमाल किया जाता है और सबसे ज़्यादा फोकस फिजिकल स्ट्रेंथ, फ्लेक्सिबिलिटी, और पोस्चर पर किया जाता है। रेगुलर पाइलेट्स करने से आपका मेन्टल हेल्थ भी एनहान्स हो सकता है। पाइलेट्स एक तरह का लौ इम्पैक्ट एक्सरसाइज है जिसके कई फायदें है जो आपको इसे करने से फील हो सकते हैं। आम तौर पर पाइलेट्स एक्सरसाइजेज को फ्लोर मत पर ही किया जाता है। जानिए रेगुलर पाइलेट्स करने के 5 फायदें:

1. मसल स्ट्रेंथ को बढ़ाता है

रोज़ पाइलेट्स करने से आपके मसल स्ट्रेंथ में इजाफा होता है। ऐसे कई तरह के एक्सरसाइज होते हैं जो हमारे कुछ स्पेसिफिक मसल्स को टारगेट करते हैं और उनको रिपेयर करते हैं लेकिन पाइलेट्स की मदद से आप अपने रेगुलर यूज़ में आने वाले सारे मसल्स की स्ट्रेंथ को बढ़ा सकते हैं। रोज़ के सीटिंग पोसिशन्स में काम आने वाले मसल्स को पाइलेट्स सबसे ज़्यादा प्रभावित कर सकता है। पाइलेट्स आपके कोर मसल्स को भी बहुत हेल्प कर सकता है।

2. फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है

किसी की भी फ्लेक्सिबिलिटी में सबसे बड़ा हाथ उसके उम्र, जेनेटिक्स और लाइफस्टाइल का होता है। लेकिन अगर आप अपने रूटीन में रोज़ पाइलेट्स को शामिल करेंगे तो आपकी बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी भी बढ़ेगी और आप अपने मैक्सिमम पोटेंशियल तक भी पहुँच पाएंगे। फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार से आप स्पोर्ट्स रिलेटेड एक्टिविटीज में भी बेटर परफॉर्म कर सकते हैं और इस कारण होने वाली इंजरीज से भी खुद को बचा सकते हैं।

3. पोस्चर को सुधारता है

पाइलेट्स की मदद से आपके पोस्चर में सुधार हो सकता है और आप अपने स्टमक मसल्स को और अच्छे तरश से कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हैं। पाइलेट्स के कारण आपकी ब्रीथिंग पर भी आपका फोकस बढ़ता है जिस कारण आपकी बॉडी अवेयरनेस भी बढ़ती है। जब आपकी बॉडी अवेयरनेस बढ़ेगी तो आप अपने रेगुलर एक्टिविटीज के दौरान भी अपने पोस्चर पर ध्यान देते रहेंगे।

4. बैलेंस का मिलता है बेटर सेंस

आपके रोज़मर्रा के एक्टिविटीज में ऐसा हो सकता है की आप अपने स्पाइन की एलाइनमेंट में किसी तरह की प्रॉब्लम आ जाए। इस एलाइनमेंट पर अगर ध्यान नहीं दिया जाए तो ये धीरे-धीरे आपके बैलेंस को इम्पैक्ट कर सकता है और आपके कोर को भी वीक कर सकता है। पाइलेट्स आपकी कोर स्ट्रेंथ पर फोकस करता है जो बैलेंस को ठीक करने के लिए बहुत ज़रूरी है।

5. इमोशनल हेल्थ को भी ठीक रखता है

पाइलेट्स ना सिर्फ आपकी फिजिकल हेल्थ पर काम करता है बल्कि ये आपके इमोशनल वेल बीइंग को भी सुधार सकता है। जब हर वर्कआउट के बाद आपके मसल्स का स्ट्रेंथ और लेंथ दोनों बढ़ता है जो आपका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और टेंशन रिलीज़ होता है। आपके स्मूथ और बैलेंस्ड मूवमेंट्स की मदद आपका मैं शांत रहता है और इमोशनल हेल्थ भी अच्छा रहता है।

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