खुद के डिसीजन न लेने से लेकर दूसरों से तुलना करने तक, जानें 5 रेड फ्लैग्स के बारे में

जब आप सोशल मीडिया (social media) पर अपना जरूरत से ज्यादा समय बीताने लगते है तब आप सोचते है ये सब इतने खुश है। इस वजह से आप अपनी वास्तविक खुशी बारे में न सोचकर खुदको सोशल मीडिया के लिए खुश दिखते है। जानें अधिक इस ब्लॉग में -

Vaishali Garg
24 Jan 2023
खुद के डिसीजन न लेने से लेकर दूसरों से तुलना करने तक, जानें 5 रेड फ्लैग्स के बारे में

Red Flags In Ourselves

Red Flags In Ourselves: जब भी रेड फ्लैग्स की बात होती है तब माना जाता है की यह केवल दुसरो के लिए होगा। क्या आप जानते है रेड फ्लैग्स आपके खुद के जीवन में भी हो सकते है। यह आपकी आँखो के नीचे होते है फिर भी आप इन्हें नजरअंदाज करतें है। आपको समझना चाहिए की आप भी एक फुलफिल्लिंग लाइफ  जी सकते है, आपको केवल उन रेड फ्लैग्स को ऑब्सर्व करने की जरूरत है। आपके जीवन में रेड फ्लैग्स कई बार आपके पास्ट, एनवायरनमेंट या ख़राब एक्सपीरियंस (bad experience) की वजह से भी आ सकते है। हमे समझना चाहिए की यह रैड फ्लैग्स हमारे जीवन को इम्पैक्ट न करें। आपको इन रेड फ्लैग्स को समझना चाहिए और अपने जीवन से इन्हे उखाड के फेंक देना चाहिए। हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी ही रेड फ्लैग्स के बारे में जो हमारे लाइफ में नेगेटिव इफ़ेक्ट (negative effect) लेकर आते है।

5 Red Flags In Ourselves

1. खुदकी तुलना दूसरों से करना

हर व्यक्ति अलग होता है। यह समझने की जगह आप खुदको दूसरों से तोलने लगते है। मन ही मन उदास होते है क्यूंकि आप उनकी तरह नहीं है। यह संकेत है रेड फ्लैग होने का। यदि आप भी दूसरों से अपनी तुलना करते हैं तो आज ही तुलना करना बंद कीजिए और यह सोचे कि आप बेहतर क्यों हैं।

2. यूज़लैस फील करना

हर व्यक्ति अपने जीवन में कुछ ना कुछ कर रहा है और में कुछ नहीं कर रही। ऐसा सोचकर खुद को यूज़लैस (useless) फील करना, खुद पर सेल्फ डाउट करना रेड फ्लैग को शो करता है। वास्तव में आप केवल आलसी है।

3.  खुद के लिए स्टेप नहीं लेना

आप लोगो को अपने बारे में कुछ भी कहने का मौका देते है। जब वह आपके बारे में बिचिंग कर रहे होते है तब आप उन्हें कुछ नहीं कहते चुपचाप उसे सुन लेते है। बाद में उन बातों को सोच सोच कर खुदसे सवाल करते है। एक बेहतर और सफल जीवन के लिए अपने आपके लिए स्टेप लें।

4. सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव रहना

जब आप सोशल मीडिया (social media) पर अपना जरूरत से ज्यादा समय बीताने लगते है तब आप सोचते है ये सब इतने खुश है। इस वजह से आप अपनी वास्तविक खुशी बारे में न सोचकर खुदको सोशल मीडिया के लिए खुश दिखते है। और दूसरों को जबरदस्ती खुश दिखाने के चक्कर में आप अंदर ही अंदर से परेशान होने लगते हैं।

5. दुसरो का कहना मानते है

आप खुदके डिसिजन लेने से डरते है की कही वह गलत न हो जाएँ। ऐसे में लोग आपके जीवन का हर निजी फैसला लेते है जो आपकी लाइफ ख़राब कर सकता है। यदि आप भी अपने डिसीजन खुद से नहीं ले पाते तो आप अपने साथ गलत कर रहे हैं। आप लोगों की राय ले अपने आसपास की लेकिन अंतिम डिसीजन हमेशा खुद का ही होना चाहिए।

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