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Protection From Bullying: जानिए बच्चे को बुलीइंग से बचाने के 5 तरीकें

Published by
Ritika Aastha

दुनिया में हर जगह, हर स्कूल में बच्चे बुलीइंग के शिकार कभी ना कभी होते ही हैं। हालाँकि आजकल स्कूल के एनवायरनमेंट को चाइल्ड-फ्रेंडली बनाने की बहुत कोशिश की जा रही है ये पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुआ है। इसलिए पेरेंट्स होने के नाते आपको सबसे पहले अपने बच्चे को बुलीइंग से बचना सीखना बहुत ज़रूरी है। कई बार जो बच्चे बुलीइंग का शिकार होते हैं वो मेंटली अनस्टेबल हो सकते हैं और फैसिकाली भी उनका हेल्थ बिगड़ सकता है। इसलिए इस बात को बिलकुल हलके में ना लें और उन्हें बुलीइंग से बचाने के तरीकें ढूंढे। अपने बच्चे को बुलीइंग से बचाने के लिए जानिए ये 5 तरीकें:

1. एक रेस्पॉन्स लिस्ट बनाएं

अपने बच्चे को बुलीइंग से बचाने के लिए उसके साथ ऐसे रेस्पॉन्स सेन्टेन्सेस प्रैक्टिस करें जो वो बुलीइंग के वक़्त यूज़ कर सके। ये कुछ ऐसे सेन्टेन्सेस होने चाहिए जो सिंपल हो और इससे ज़्यादा किसी तरह का झगड़ा भी ना बढ़े। बस इस बात का ध्यान रखना है की बच्चे का कमबैक आंसर कुछ ऐसा ना हो की वो बुलीइंग को किसी तरह से और बढ़ावा दे दे। आप इसके लिए किसी एक्सपर्ट से भी सलाह ले सकते हैं।

2. बच्चे को पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज समझाएं

अपने बच्चे को पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज ज़रूर सीखाएं क्योंकि इससे वो हर किसी को उसके बॉडी लैंग्वेज के हिसाब से और अच्छे तरीके से समझ पाएगा। जब आप पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज को समझते हैं तो आप ये समझते हैं की आप कहा वेलकम्ड हैं और कहाँ नहीं और ये आपको किसी भी अप्रतिकूल सिचुएशन से बचा सकता है।

3. बच्चे के साथ सिनारियो प्रैक्टिस करें

अपने बच्चे के साथ बुलीइंग के “क्या हो अगर” वाले सिनारियो ज़रूर प्रैक्टिस करें। ऐसे में आप बुलीइंग के रोल को निभा कर खुद को अस्योर कर सकते हैं की आपका बच्चा ऐसे बुलीइंग का कैसा जवाब देता है। ऐसा करने से आपके बच्चे का कॉन्फिडेंस तो बढ़ेगा ही, इसके साथ ही साथ उसके मन में अगर बुलीइंग को लेकर कोई डर होगा तो वो भी ख़त्म हो जाएगा।

4. कम्युनिकेशन हमेशा बरकरार रखें

अपने बच्चों के स्कूल से रिलेटेड सारी बातें उनसे रोज़ पूछें। इस बात का भी ध्यान रखें की ऐसे सवाल का जवाब देने में वो कितना सहज फील करते हैं। अपने बच्चे के स्कूल प्रोग्रेस से लेकर उसके दोस्तों तक के बारे में जितनी इनफार्मेशन हो सके आपको ज़रूर रखनी चाहिए। अपने बच्चों को समझाएं की उनकी सेफ्टी क्यों ज़रूरी है और क्यों आज उन्हें अपने हर प्रॉब्लम को सोल्व करने की कोशिश करनी चाहिए।

5. अपने बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाएं

जितना ज़्यादा आपका बच्चा अपने बारे में अच्छा फील करेगा उतना कम होगा उसके बुलीइंग के कारण सेल्फ-एस्टीम में गिरावट। इसलिए अपना बच्चे को ऐसे एक्स्ट्रा करक्युलर एक्टिविटीज, हॉबीज़ और सोशल सीटुएशन्स के लिए बढ़ावा दें जहां उसके सेल्फ कॉन्फिडेंस को बूस्ट मिल सकता है। अपने बच्चे को उससे रिलेटेड अच्छे क्वालिटीज़ बताएं ताकि उसे कभी खुद को लेकर कोई नेगेटिव फीलिंग ना आए।

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