एक सर्वे के मुताबिक, कमसे कम 69% पेरेंट्स अप्रैल से यानी कि नये अकादमिक सेशन से स्कूल्स रीओपन करने के पक्ष में है। इस सर्वे में देशभर से लगभग 19000 पैरेंट्स का इंटरव्यू लिया गया था। सर्वे में ये भी पाया गया कि केवल 26% पेरेंट्स ही अप्रैल तक अपने बच्चों को कोविड-19 वैकसीन लगवाने को राज़ी हैं, अगर तब तक वैकसीन उपलब्ध हो गायीं।

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एक सर्वे के मुताबिक, कमसे कम 69% पेरेंट्स अप्रैल से यानी कि नये अकादमिक सेशन से स्कूल्स रीओपन करने के पक्ष में है।

“69 प्रतिशत पेरेंट्स ने कहा कि देश में कोरोना की समस्या देखते हुए वे चाहते हैं कि स्कूल्स अप्रैल या उसके बाद से रीओपन हों, जब आमतौर पर नया अकादमिक सेशन चालू होता है क्योंकि बहुत से पेरेंट्स करोना काल में बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते। उन्हें बच्चों को स्कूल भेजने से डर लगता है। हालाँकि, 26% लोगों ने ये भी कहा कि स्कूल्स जनवरी से ही खुल जाने चाहिए”, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लोकलसर्कल द्वारा करवाये गए सर्वे में पाया गया।

“केवल 26% पेरेंट्स अपने बच्चों को अप्रैल तक वैकसीन लगवाने के लिए तैयार हुए हैं, बाकी के 56% पेरेंट्स दो-तीन महीने वेट करके वैकसीन का असर और उसके ऊपर डेटा देखना चाहते हैं।”

बता दें कि कोरोना महामारी के चलते स्कूल्स पिछले साल मार्च से ही बन्द हैं। हालाँकि कुछ राज्यों ने सुरक्षा नीति के साथ अक्टूबर से ही स्कूल्स खोल दिये थे लेकिन अभी भी कई राज्यों में स्कूल्स बन्द ही हैं।

बिहार, मध्य प्रदेश, केरल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, झारखण्ड, राजस्थान और सिक्किम वो प्रदेश हैं जिन्होंने इस महीने से कक्षा 9वीं से 12वीं तक स्कूल्स रीओपन करने का फैसला लिया है।

दिल्ली ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वैकसीन आने तक स्कूल्स खुलने की कोई संभावना नहीं है। CISCE (काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफ़िकेट एग्जामिनेशन) ने अपने स्कूल्स को 4 जनवरी से खोलने की रिक्वेस्ट की थी क्योंकि जल्द ही ICSE एग्जाम्स होने को है। अभी तक इस विषय पर कोई फ़ैसला नहीं आया है।

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